Betul Samachar: ढाबों पर आए दिन विवाद, पुलिस की मौन स्वीकृति पर सवाल

केवल मामला बनते तक पुलिस का काम, इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं
Betul Samachar: बैतूल। जिला मुख्यालय और आसपास ढाबों पर खुलेआम शराब बिकने-पीने के मामले में जितना जिम्मेदार आबकारी विभाग हैं, उतना ही पुलिस विभाग को कहा जा सकता है। यह बात इसलिए, कहीं जा रही है क्योंकि आए दिनों ढाबों पर विवाद के बाद पुलिस मौके पर पहुंचती जरूर हैं, लेकिन इसके बाद यहां शराब बिक्री और उपयोग करने पर नजर नहीं रख रही है। इसी वजह ढाबों पर आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।
जिला मुख्यालय के आसपास कुकुरमुत्तों की तरह ढाबे खुल गए हैं। बताया जाता है कि करीब आधा सैकड़ा ढाबे मुख्यालय से 15 किमी की दूरी पर मिल जाएंगे। इन्हीं ढाबों पर आए दिनों शराब के नशे में धुत्त होकर खुलेआम विवाद-चाकूबाजी की घटनाएं निर्मित हो रही है। इसके बावजूद पुलिस मामला कायम करने के बाद अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है। जानकारों ने बताया कि यदि पुलिस गंभीरता से ढाबों का निरीक्षण करे तो यहां बने कैबिन में अवैध शराब पीते हुए कई लोग मिल सकते हैं। अपने फायदे के लिए ढाबा संचालक खुलेआम परिसर में बनाए गए कैबिन में शराब परोस रहे हैं। अधिकांश ढाबों में आहता जैसी सुविधा उपलब्ध कराकर ग्राहकी बढ़ाने का चलन छिड़ा हुआ है। इस पर पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई।
ढाबों पर खुद देखे जा सकते हैं पुलिसकर्मी
सूत्रों बताते हैं कि जिस थाना क्षेत्र में ढाबा है यहां के अधिकांश पुलिसकर्मी खुद ढाबे पर मौजूद रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो इनमें से कई खुद ढाबों पर मदिरापान कर भोजन की पार्टी भी उड़ाते आ रहे हैं। इसी की एवज में ढाबों के अंदर बने कै बिन में शराब पीने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उम्दा उदाहरण बडोरा से बैतूलबाजार रोड, फोरलेन, पाढर रोड पर स्थित ढाबों पर आसानी से देखा जा सकता है। इस संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मी खुद ढाबों पर पार्टी मनाते हुए देखे जा रहे हैं। इसी वजह से ढाबे अघोषित बार बनकर रह गए हैं और आए दिन यहां पर चाकू चलने जैसी घटनाएं हो रही है।
इनका कहना
– यदि ढाबों पर शराब बिक रही है तो संबंधित थाना पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा।
वीरेंद्र जैन, एसपी बैतूल ।




