Betul Ki Khabar: कल मनाया जाएगा गुरूपूर्णिमा पर्व, तैयारियां पूरी
Betul Ki Khabar: Guru Purnima festival will be celebrated tomorrow, preparations complete

दादाजी की कूटी में 50 हजार श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
कुटी में 13 क्विंटल टिक्कड़ और 30 किलो मिर्ची की बनेगी चटनी
Betul Ki Khabar: बैतूल। पूरे जिले भर में गुरूपूर्णिमा का पर्व गुरूवार को आस्था और भक्तिभाव से मनाया जाएगा। गुरूपूर्णिमा को लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी है। शहर के खंजनपुर स्थित प्रसिद्ध दादाजी की कुटी में गुरूपूर्णिमा के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। गुरूपृूर्णिमा को लेकर दादाजी की कुटी में तैयारियां शुरू हो चुकी है। दादाजी की कुटी में पूजा-अर्चना के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस वर्ष गुरूपूर्णिमा का पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा। 10 जुलाई को सुबह के समय दादाजी की कुटी में निशान चढ़ाएं जाएंगे। यहां बैतूलबाजार, राठीपुर, बड़ोरा, टिकारी, सुरगांव, भडूस और दनोरा से श्रद्धालु निशान लेकर आएंगे।
यहां गुरूपूर्णिमा के दिन निशान चढ़ाने का भी खासा महत्व है। गुरूवार को दादाजी की कुटी समिति द्वारा गुरूपूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। दादाजी की कुटी में 24 घंटे धुनी जलती रहती है और यहां कई वर्षो से धुनी जलते आ रही है। गुरूपूर्णिमा के दिन शाम के समय यहां विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। दादाजी की कुटी में गुरूपूर्णिमा के अवसर पर प्रसादी के रूप में टिक्कड़, चटनी, हलवा, पुड़ी और सब्जी का वितरण किया जाएगा।
यहां की टिक्कड़ चटनी की प्रसादी श्रद्धालुओं को खूब पसंद आती है। प्रतिवर्ष दादाजी की कुटी समिति द्वारा प्रसादी के रूप में टिक्कड़, चटनी बनाई जाती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रवीण भावसार ने बताया कि इस वर्ष गुरूपूर्णिमा के अवसर पर दादाजी की कुटी में 13 क्विंटल का टिक्कड़, 30 किलो की चटनी, 13 क्विंटल की सब्जी, 20 क्विंटल की पूड़ी और 1.50 क्विंटल का हलवा बनाया जाएगा। प्रसादी के रूप में श्रद्धालुओं को टिक्कड़ चटनी वितरित करेंगे। गुरूपूर्णिमा के दिन शाम को दादाजी की कूटी में भजन संध्या का आयोजन भी किया गया है।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
दादाजी की कुटी में पूजा अर्चना के लिए गुरूपूर्णिमा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। इस वर्ष भी लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 50 हजार श्रद्धालुओं के हिसाब से यहां प्रसादी बनाई जाती है। श्रद्धालुओं की इतनी अधिक भीड़ हो जाती कि मंदिर के सामने लंबी-लंबी कतारे लग जाती है। मंदिर समिति के सदस्यों को व्यवस्था संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यहां बेरीकेट्स लगाकर व्यवस्था संभाली जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए मंदिर समिति द्वारा ट्रैफिक पुलिस की भी मदद ली जाएगी। गुरूपूर्णिमा के दिन दादाजी की कूटी के सामने वाला मार्ग वाहन चालकों के लिए बंद रहेगा।




