Betul News : 34.99 प्रतिशत में सस्ती सड़क, जनता चुका रही कीमत
Betul News: Road is cheap at 34.99 percent, public is paying the price

भीमपुर ब्लाक में आरईएस की सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल, अंकुरण कंस्ट्रक्शन को मिल गए 9 ठेके
Betul News : बैतूल। जिले के भीमपुर ब्लाक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा(आरईएस) द्वारा बनाई जा रही सड़कें इन दिनों विवादों का केंद्र बनी हुई है। वजह है कि इन सड़कों का निर्माण 34.99 प्रतिशत कम दरों में किया जा रहा है और एक ही ठेकदार को अंकुर कंस्ट्रक्शन को सबसे ज्यादा 9 ठेके मिल गए हैं। वह भी 34.99 प्रतिशत कम दर पर। इसी वजह ग्रेवल सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों के आरोप है कि कम रेट पर काम गुणवत्ता पूर्ण कैसे हो सकता है। मामले में आरईएस के जिम्मेदार कटघरे में आ खड़े हुए हैं।
आदिवासी बाहुल्य भीमपुर में ग्रेवल सड़क निर्माण में पारदर्शिता को लेकर खासी चर्चा हो रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस संबंध में आवाज उठाई है। आरोप है कि 34.99 प्रतिशत कम दर पर लगातार 9 ठेके बैतूल के अंकुर कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। इसी वजह विभागीय पारदर्शिता और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो दामजीपुरा से दनोर तक बनाई गई ग्रेवल सड़कों पर केवल मुरम डाला गया है। बारिश में इस मुरम की गुणवत्ता और मोटाई के मानकों का बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में सवाल उठाएं जा रहे हैं कि सड़कें गुणवत्तायुक्त कैसे बनेगी।
गिट्टी की जगह मुरम का धड़ल्ले से उपयोग
ग्रेवल सड़क निर्माण में कितनी धांधली बरती जा रही है। इसका मौके पर जाकर अधिकारी निरीक्षण कर जायजा ले सकते हैं, लेकिन ग्रामीणों की माने तो एक ही कंपनी को थोकबंद ठेके देकर अधिकारी भी मौके पर जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुरम की जगह साधारण मिट्टी बिछा दी गई है। इसके अलावा कुछ जगह पर गिट्टी डालना था, वहां मुरम डालकर इतिश्री कर ली गई। बारिश शुरू होते ही सड़कों की गुणवत्ता की पोल खोल गई है। ग्रामीणों की माने तो इसी सड़क से क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधि और नेताओं की भी आवाजाही भी होते रहती है, लेकिन घटिया क्वालिटी पर किसी का ध्यान नहीं गया है। आरोप लग रहे हैं कि मिट्टी का काम ठेकेदार ने मिट्टी मिला दिया। इसमें आरईएस के जिम्मेदारों की बड़ी भूमिका है।
जनता के पैसों की बर्बादी, ठेकेदार के बिल भी पास!
जानकारी सामने आई है कि ग्रामीणों ने इस संबंध में गुणवत्ता को लेकर शिकायत भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। चूंकि यह जनता के पैसे की सीधी बर्बादी है। 34.99 प्रतिशत कम दर पर अंकुर कंस्ट्रक्शन को काम दिया जाना और ग्रेवल सड़कों में घटिया काम से जनता के पैसे बर्बाद हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। मुरम की गुणवत्ता की लेब टेस्टिंग करवाकर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग जोरों पर उठ रही है। दूसरी तरफ आरोप यह भी है कि विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों ने बिना फील्ड निरीक्षक और सड़क की गुणवत्ता देखे रनिंग बिल भी पास कर दिया। इससे विभागीय अधिकारी भी खुद कटघरे में आ गए हैं।
इनका कहना…..
भीमपुर क्षेत्र में बन रही ग्रेवल सड़क में घटिया निर्माण के आरोप गलत है। टेंडर आनलाइन होते हैं, इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं। जहां पर शिकायत मिली थी, वहां पर जांच कर ली गई है, काम ठीक हो रहा है।
एसके मरकाम, ईई, आरईएस बैतूल




