Betul News: रिपोर्ट दरकिनार कर स्कूलों को दे रहे मान्यता
Betul News: Ignoring the report, schools are being given recognition

मापदंडों का पालन न होने के बावजूद स्कूलों की मान्यता शक के दायरे में
Betul News: बैतूल। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत निजी स्कूलों को आंखे बंद कर मान्यता दिए जाने का मामला सामने आया है। खुद विभाग के कर्मचारियो की रिपोर्ट दरकिनार की जा रही है। निरीक्षण के दौरान ब्लाक स्तर के अधीकारियों ने जिन स्कूलों की मान्यता निरस्त किये जाने की सिफारिश की उसी स्कूल को डीपीसी द्वारा मान्यता प्रदान कर दी गईं। मान्यता के इस मामले में विभाग के उच्च अधिकारीयों की कार्यप्रणाली शक के दायरे में दिख रही है, यदि कलेक्टर इसकी जांच कराएं तो पूरा मामला एक्पोज हो जाएगा।
नए शिक्षण सत्र के लिए जिला शिक्षा केन्द्र के माध्यम से निजी स्कूलों के निरीक्षण परीक्षण सहित सत्यापन कराये जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लाक के स्त्रोत समन्वयकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, की वे अपने कार्य क्षेत्र के निजी स्कूलों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन पोर्टल पर जिला स्त्रोत समन्वयक को सौंपे ताकी स्कूलों की मान्यता तय की जा सके। लेकिन मान्यता की आड़ में खुला खेल खेला जा रहा है। दरअसल मुलताई ब्लाक के ग्राम चंदोरा खुर्द में ओम साईं पब्लिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है। ब्लाक स्त्रोत समन्वयक ने जब स्कूल का निरीक्षण और परीक्षण किया तो इसमें कई कमियां भी सामने आ गई।
ब्लाक स्त्रोत समन्वयक ने पोर्टल पर जारी किए गए प्रतिवेदन में स्पस्ट उल्लेख किया है कि, 25 फरवरी को उक्त स्कूल का निरीक्षण कर सत्यापन किया गया सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि यह शाला आरटीआई के मापदंडों को पूर्ण नहीं करती। अत: सम्बन्धित संस्था के मान्यता नवीनीकरण की अनुशंसा नहीं कि जाती। कार्यवाही के कालम में मान्यता नहीं दिए जाने का उल्लेख भी किया गया है। लेकिन इसी पोर्टल पर जिला स्त्रोत समन्वयक ने ब्लाक स्त्रोत समन्वयक की टिप को नजरअंदाज कर दिया और स्कूल को मार्च 2028 तक मान्यता प्रदान कर दी।
विभागीय सूत्रों की माने तो स्कूलो को मान्यता प्रदान किये जाने में नियमों की घोर अनदेखी की जा रही है। ऐसे में जिले में कई ऐसे स्कूल संचालित हो रहे हैं जो शासन द्वारा तय किये गए मापदंडों को पूर्ण कर पाने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन बावजूद इसके उन्हें आंख बंद कर मान्यता दी जा रही है। जिला शिक्षा केन्द्र में मान्यता को लेकर जो मामला सामने आया उसे लेकर जिला स्त्रोत समन्वयक जितेंद्र भन्नारिया से उनका पक्ष जानने 4 बार टेलीफोनिक सम्पर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।




