Congress Action: राहुल की रैली से बैतूल के कई कांग्रेसियों ने बनाई दूरी, अब संगठन की रडार पर!
जिले के दो प्रदेश पदाधिकारी जितेंद्र इवने- विजय पारधी निलंबित, दिल्ली में जाने वाले अन्य पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई के संकेत

बैतूल। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित वोट चोरी विरोधी रैली अब पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक जवाबदेही का मुद्दा बनती जा रही है। रैली में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश के बावजूद दूरी बनाने वाले यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई के बाद बैतूल जिले के कांग्रेस संगठन में भी हलचल तेज हो गई है।
सवाल उठने लगा है कि कार्रवाई की आंच केवल युवक कांग्रेस तक सीमित रहेगी या जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं तक भी पहुंचेगी? वी भी तब जब जिला कांग्रेस संगठन के कई पदाधिकारियों ने दिल्ली कूच से परहेज किया है।
रैली में शामिल नहीं होने पर यूथ कांग्रेस के 9 जिला अध्यक्ष, 5 उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिवों सहित कुल 60 पदाधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें बैतूल जिला युवक कांग्रेस के महासचिव जितेंद्र इवने और सचिव दिगम्बर पारधे के नाम भी शामिल हैं। दिगम्बर पारधे आमला ब्लाक कांग्रेस नेता विजय पारधे के छोटे भाई हैं।
विजय पारधे का कुछ दिन पहले जैन दादावाड़ी में आयोजित कांग्रेस के सृजन संगठन अभियान के कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुखदेव पांसे और उनके समर्थकों के साथ विवाद हुआ था। अब उनके भाई पर हुई कार्रवाई ने स्थानीय कांग्रेस की राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
युवक कांग्रेस के बाद जिला संगठन की बारी?
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित राहुल गांधी की रैली में गैरहाजिरी को संगठन ने गंभीरता से लिया है। शुरुआती कार्रवाई युवक कांग्रेस पदाधिकारियों पर हुई है, लेकिन पार्टी के अंदरखाने चर्चाएं हैं कि संगठन की नजर अब उन जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों पर भी है, जिन्होंने दिल्ली पहुंचने के निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया। इनमें संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे नेताओं के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं।
शुरुआती दौर में प्रदेश युवक कांग्रेस ने 9 जिला अध्यक्षों, 5 प्रदेश उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिवों को निलंबित किया है। यह सभी पदाधिकारी नई दिल्ली में कांग्रेस की वोट चोरी रैली में शामिल नहीं हुए थे। इन पदाधिकारियों में बैतूल जिले के दो युवक कांग्रेसी शामिल हैं।
आठनेर-सारणी में पूरी इकाइयों की गैरमौजूदगी!
इधर सूत्रों की माने तो जिले के आठनेर और सारणी ब्लॉक की ग्रामीण एवं शहरी दोनों इकाइयों से कोई भी पदाधिकारी रैली में शामिल होने दिल्ली नहीं पहुंचा। वहीं घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, भौंरा, भैंसदेही और भीमपुर ब्लॉक से भी कई पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी सामने आई है। जिला स्तर के भी कई नेता रैली में शामिल नहीं हो सके।
चर्चा है कि दिल्ली नहीं पहुंचे पदाधिकारियों को लेकर कांग्रेस के ही नेता भोपाल से लेकर दिल्ली तक शिकायत कर रहे हैं। यदि यह शिकायत सही पाई जाती है तो जिले से एक नवंबर को नई दिल्ली नहीं जाने वाले कई कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
अब कार्रवाई के खौफ में संगठन के नेता
युवक कांग्रेस पर हुई कार्रवाई के बाद कांग्रेस के उन पदाधिकारियों में बेचैनी बढ़ने की चर्चा है, जो दिल्ली नहीं पहुंचे थे। राजनीतिक गलियारों में सवाल है कि क्या पार्टी अब जिला और ब्लॉक स्तर पर भी जवाबदेही तय करेगी? यदि कार्रवाई का दायरा बढ़ा तो संगठन में पदों पर बैठे कई नेताओं की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। फिलहाल कांग्रेस के भीतर रैली की गैरहाजिरी अब महज एक राजनीतिक कार्यक्रम में अनुपस्थिति नहीं, बल्कि संगठन के आदेश की अवहेलना के तौर पर देखी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के कई जिम्मेदार पदाधिकारी 1 नवंबर को बैतूल समेत अपने क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय देखे गए। इन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आव्हान को नजरअंदाज कर नई दिल्ली जाने में परहेज की है।




