Betul Samachar: बैतूल में शांतिपूर्ण रहा दशहरा, प्रशासन की सटीक प्लानिंग आई काम

कलेक्टर-एसपी से लेकर थाना प्रभारियों तक दिखी मुस्तैदी, डीजे पर काफी हद तक नकेल कसने पर सफल

Betul Samachar: बैतूल। गणेश उत्सव के दौरान सामने आई चुनौतियों से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने इस बार दशहरा पर्व और नवरात्रि के चल समारोह को लेकर पहले से ही रणनीति तैयार कर ली थी। इसका असर पर्व के दौरान साफ नजर आया। जिले में दशहरा, रावण दहन और नवरात्रि के चल समारोह शांतिपूर्वक संपन्न हुए।

कहीं भी किसी बड़े विवाद या अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी के साथ डीजे की तेज आवाज पर काफी हद तक नियंत्रण भी इस बार चर्चा का विषय रहा। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के मार्गदर्शन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर की गई तैयारियां कारगर साबित हुईं।

वहीं एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम, कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया और गंज थाना प्रभारी अमित पवार सहित पुलिस अमले की सक्रियता भी नजर आई। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी गई, जिससे धार्मिक आयोजनों और चल समारोहों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मदद मिली।

गणेश उत्सव के अनुभव से बदली रणनीति, डीजे के शोर पर लगा अंकुश

गणेश उत्सव के दौरान तेज आवाज में बजने वाले डीजे और कुछ स्थानों पर हुए विवादों ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी की थी। डीजे की तेज आवाज से जुड़ी एक बालिका की मौत की घटना के बाद ध्वनि नियंत्रण को लेकर भी गंभीरता बढ़ी। ऐसे में नवरात्रि और दशहरा के दौरान ध्वनि व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस बार चल समारोहों में तेज आवाज वाले डीजे का शोर अपेक्षाकृत कम सुनाई दिया। कई स्थानों पर डीजे के बजाय माइक का उपयोग किया गया। दशहरा और रावण दहन के आयोजनों में भी ध्वनि व्यवस्था पहले की तुलना में नियंत्रित नजर आई। इससे धार्मिक आयोजनों का माहौल बना रहा और तेज आवाज से होने वाली परेशानी पर अंकुश लगाने में मदद मिली।

पहले हुई कार्रवाई का दिखा असर

गणेश उत्सव के दौरान निर्धारित मानकों से अधिक आवाज में डीजे बजाने के मामलों में पुलिस ने कई संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इन कार्रवाइयों के बाद इस बार आयोजनों में ध्वनि स्तर को लेकर अधिक सतर्कता दिखाई दी। नवरात्रि और दशहरा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायतें सामने नहीं आने से पुलिस को भी बड़े स्तर पर कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि कुछ बड़ी समितियों ने नियमों की अनदेखी कर डीजे बजाने में कसर नहीं छोड़ी।

व्यवस्था संभली तो शांतिपूर्वक संपन्न हुए आयोजन

दशहरा जैसे बड़े पर्व पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है। धार्मिक आस्था, भीड़ और चल समारोहों के बीच छोटी-सी लापरवाही भी विवाद का कारण बन सकती है। ऐसे में पहले से बनाई गई योजना, पुलिस की सक्रियता और ध्वनि नियंत्रण पर ध्यान देने से आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न कराने में मदद मिली।

कुल मिलाकर, इस बार बैतूल जिले में दशहरा और नवरात्रि के चल समारोहों के दौरान शांति और व्यवस्था बनी रही। प्रशासन के लिए यह अनुभव भी महत्वपूर्ण है कि समय रहते बनाई गई रणनीति, नियमों का पालन और पुलिस की मुस्तैदी बड़े आयोजनों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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