Betul News: बैतूल-परतवाड़ा रोड के फिरेंगे दिन! एनएचएआई ने शुरू की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

55 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए राजपत्र प्रकाशित, एमपीआरडीसी से एनएचएआई को सड़क हस्तांतरण की तैयारी, डीपीआर और ड्राइंग-डिजाइन पर भी चल रहा काम
Betul News: बैतूल। बैतूल से महाराष्ट्र की सीमा तक जर्जर हो चुके बैतूल-परतवाड़ा मार्ग के दिन अब फिरने की उम्मीद बढ़ गई है। लंबे समय से बदहाल सड़क से परेशान वाहन चालकों को जल्द राहत मिलने के संकेत हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाइवे 347 बी, बैतूल से भैंसदेही तक सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए राजपत्र का प्रकाशन कर दिया है।
भू-स्वामियों से दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। वहीं, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम से सड़क एनएचएआई को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में बताई जा रही है।
55 किलोमीटर के लिए राजपत्र, 21 दिन का समय
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के बैतूल जिले में किलोमीटर 9.525 से 64.9 तक के हिस्से के निर्माण और विकास के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। इसमें सड़क का चौड़ीकरण, पेव्ड शोल्डर सहित दो या चार लेन में निर्माण, अनुरक्षण और प्रबंधन जैसे कार्य प्रस्तावित हैं।
अधिसूचना के अनुसार, भूमि में हित रखने वाले व्यक्ति राजपत्र प्रकाशन की तारीख से 21 दिन के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। दावे-आपत्तियों की सुनवाई और निराकरण के लिए अनुविभागीय अधिकारी, भैंसदेही को अधिकृत किया गया है।
हैंडओवर की प्रक्रिया एक दिन में पूरी होने की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, एनएचएआई ने सड़क का सर्वे कराने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) और ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई है। हालांकि सड़क अभी एमपीआरडीसी से एनएचएआई को हस्तांतरित नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया एक दिन में पूरी की जा सकती है। सड़क निर्माण की प्रारंभिक तैयारियां लगभग 90 प्रतिशत पूरी होने की जानकारी भी सामने आई है।
महाराष्ट्र तक सफर होगा आसान
वर्तमान में बैतूल से भैंसदेही होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक सड़क की हालत खराब होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने के बाद अब इसके विकास की उम्मीद जगी है। सड़क बनने से आवागमन सुगम होने के साथ क्षेत्रीय संपर्क और परिवहन को भी गति मिल सकती है।
अधिकारियों से संपर्क की कोशिश
परियोजना की जानकारी के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर वेद प्रकाश से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में भोपाल-इटारसी-बैतूल मार्ग का काम आता है। हरदा डिवीजन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष मीणा से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। अब देखना होगा कि भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य कब धरातल पर उतरता है।




