Betul News: कढ़ाई डंपिंग यार्ड में विकास की रफ्तार तेज, बिजली के साथ मशीनों से होगा कचरे का खेल खत्म

14 पोल और 200 केवी ट्रांसफार्मर से रोशन होगा नया ट्रेचिंग ग्राउंड, 12.32 लाख होंगे खर्च

Betul News: बैतूल। शहर के कचरा प्रबंधन को नई दिशा देने के लिए कढ़ाई ग्राम के समीप तैयार किए जा रहे डंपिंग यार्ड का काम अब रफ्तार पकड़ चुका है। नपा द्वारा यहां बिजली पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। यार्ड के चारों तरफ बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं। वहीं कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन के लिए विभिन्न मशीनें स्थापित करने की तैयारी भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। माना जा रहा है कि डंपिंग यार्ड पूरी तरह तैयार होने के बाद शहर के गीले और सूखे कचरे के प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

चारों तरफ लग रहे 14 पोल, 200 केवी ट्रांसफार्मर भी लगेगा

डंपिंग यार्ड को पर्याप्त रोशनी और बिजली उपलब्ध कराने के लिए करीब 12 लाख 32 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इंजीनियर पंकज धुर्वे के अनुसार यार्ड के चारों तरफ कुल 14 बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही बिजली का पर्याप्त लोड उपलब्ध कराने के लिए 200 केवी का ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया जा रहा है। बिजली व्यवस्था शुरू होने के बाद यार्ड में मशीनों के संचालन सहित अन्य निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।

कार्यालय, एमआरएफ और स्टोरेज शेड का निर्माण जारी

डंपिंग यार्ड परिसर में केवल कचरा एकत्र करने की व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि इसके वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। यहां कार्यालय भवन, एमआरएफ, सीएंडडी और स्टोरेज शेड का निर्माण कार्य भी जारी है। नपा का प्रयास है कि अलग-अलग श्रेणी के कचरे को व्यवस्थित तरीके से अलग कर उसका अधिकतम उपयोग और निष्पादन किया जा सके।

मशीनें करेंगी कचरे की छटाई से लेकर प्रोसेसिंग तक

यार्ड में पांच अलग-अलग मशीनें लगाए जाने की तैयारी है। गीले कचरे से खाद तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे में शामिल प्लास्टिक को मशीनों के माध्यम से प्रोसेस किया जाएगा। फटका और शेडर मशीन से प्लास्टिक कचरे की सफाई और प्रसंस्करण किया जाएगा। इसके बाद बेकिंग और कम्पोन्ट मशीन के माध्यम से प्लास्टिक को पुन: उपयोग योग्य बनाया जाएगा।

प्लास्टिक के दाने भी बनेंगे, नपा की आय बढ़ने की उम्मीद

इग्लू मशीन के जरिए प्लास्टिक के छोटे-छोटे दाने तैयार किए जाएंगे, जिन्हें आगे बिक्री योग्य सामग्री के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इससे कचरे का पुनर्चक्रण होने के साथ नपा की आय बढ़ने की भी उम्मीद है। वहीं गीले कचरे से तैयार होने वाली खाद भी आय का जरिया बनेगी। फिलहाल डंपिंग यार्ड का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है और आने वाले दिनों में इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर दिखाई देने की उम्मीद है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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