Betul Samachar: हड़ताल का असर: पांच दिन से खाद्यान्न के लिए भटक रहे गरीब

जिले की 661 दुकानें हड़ताल पर, जरूरतमंदों को बाजार से राशन खरीदने की मजबूरी
Betul Samachar: बैतूल। अपनी लंबित मांगों को लेकर राशन दुकान संचालकों की सात दिन की हड़ताल के कारण जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हो गई है। सोमवार को हड़ताल का पांचवां दिन रहा। जिलेभर की करीब 661 राशन दुकानें लगातार पांच दिनों से बंद हैं।
इसके चलते सबसे ज्यादा परेशानी उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हो रही है, जिन्हें हर महीने सरकारी राशन का इंतजार रहता है। दुकानें बंद होने के कारण कई परिवारों को खाद्यान्न के लिए बाजार का रुख करना पड़ रहा है। राशन दुकान संचालकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पहले सरकार और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया था।
संचालकों का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं और कई बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद उनका निराकरण नहीं किया गया। इसी के चलते जिलेभर के राशन दुकान संचालक 1 अक्टूबर से हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल 7 अक्टूबर तक जारी रहने की बात कही गई है।
पांच दिन से नहीं मिला राशन
हड़ताल के कारण कई हितग्राहियों को अब तक अक्टूबर माह का राशन नहीं मिल पाया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग राशन दुकान खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दुकानें बंद होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जरूरतमंद परिवारों के सामने रोजमर्रा के खाद्यान्न की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।
हितग्राहियों का कहना है कि सरकारी राशन मिलने से परिवार का बड़ा खर्च बच जाता है। दुकानें बंद रहने से अब बाजार से खाद्यान्न खरीदना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
ई-केवायसी का काम भी प्रभावित
राशन वितरण के साथ हितग्राहियों की ई-केवायसी सहित अन्य संबंधित प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं। जिन लोगों की केवायसी या अन्य प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, उन्हें भी दुकानें बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से पात्र गरीब परिवारों को नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन हड़ताल के चलते फिलहाल वितरण व्यवस्था प्रभावित है।
राशन दुकान संचालकों का कहना है कि वे अपनी मांगों के निराकरण को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए हड़ताल कर रहे हैं। अब देखना होगा कि हड़ताल समाप्त होने के बाद हितग्राहियों को लंबित राशन कब तक उपलब्ध कराया जाता है।



