Betul Railway News: दर्जनों स्पेशल ट्रेनें दौड़ रहीं, बैतूल में महज 2 का स्टॉपेज

घोड़ाडोंगरी, मुलताई और आमला में एक भी स्पेशल ट्रेन नहीं, त्योहारों पर रोजाना की ट्रेनों में बढ़ी भीड़
Betul Railway News: बैतूल। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए दर्जनों स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इटारसी से नागपुर के बीच भी कई स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन बैतूल जिले के यात्रियों को इन ट्रेनों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले के चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से केवल बैतूल स्टेशन पर ही महज दो स्पेशल ट्रेनों का स्टॉपेज दिया गया है। घोड़ाडोंगरी, आमला और मुलताई जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर एक भी स्पेशल ट्रेन नहीं रुक रही है।
त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा और अन्य कामकाज के सिलसिले में दूसरे शहरों से अपने घर लौटते हैं। इसी तरह त्योहार के बाद वापसी के दौरान भी ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। नियमित ट्रेनों में यात्रियों का दबाव बढ़ने से कई लोगों को रिजर्वेशन तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यदि स्पेशल ट्रेनों को जिले के प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉपेज दिया जाता तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती थी।
तीन बड़े स्टेशनों को नहीं मिली स्पेशल ट्रेन
बैतूल के बाद जिले के तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन घोड़ाडोंगरी, आमला और मुलताई हैं। इन स्टेशनों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और रेलवे को इनसे अच्छा राजस्व भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद त्योहारी सीजन में यहां स्पेशल ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं दिया गया है।
मुलताई धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ताप्ती नदी के उद्गम स्थल के कारण इसकी अलग पहचान है। यहां से बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद नियमित ट्रेनों के अलावा स्पेशल ट्रेनों का भी लाभ यात्रियों को नहीं मिल रहा है।
आमला रेलवे का महत्वपूर्ण जंक्शन होने के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों के लिए प्रमुख केंद्र है। वहीं घोड़ाडोंगरी से सारनी और आसपास के कोल क्षेत्र के बड़ी संख्या में यात्री रेल सेवा का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद इन दोनों स्टेशनों को भी स्पेशल ट्रेनों के स्टॉपेज से दूर रखा गया है।
हर साल उठता है सवाल, फिर भी नहीं बदलती तस्वीर
त्योहारी सीजन में स्पेशल ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर हर साल बैतूल जिले की उपेक्षा का सवाल उठता है। दूसरे मंडलों और बड़े स्टेशनों पर कई स्पेशल ट्रेनों के ठहराव दिए जाते हैं, लेकिन बैतूल जिले में इनका लाभ सीमित रह जाता है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे से मांग रखने और जिले के प्रमुख स्टेशनों पर स्पेशल ट्रेनों का स्टॉपेज दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों को प्रभावी पहल करनी चाहिए, ताकि त्योहार के दौरान यात्रियों को भीड़ और रिजर्वेशन की समस्या से राहत मिल सके।




