Betul Samachar: बैतूल में भी विवादों में रहे कमलकिशोर सिंगारे

छिंदवाड़ा में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद बैतूल कार्यकाल की चर्चाएं फिर तेज, पीआईयू में प्रभारी ईई रहते ठेकेदारों और नेताओं से रहा विवाद
Betul Samachar: बैतूल। पड़ोसी जिले छिंदवाड़ा में पीडब्ल्यूडी के प्रभारी ईई कमलकिशोर सिंगारे के आवास और कार्यालय पर ईओडब्ल्यू भोपाल की कार्रवाई के बाद उनके बैतूल कार्यकाल की चर्चाएं भी एक बार फिर शुरू हो गई हैं। सिंगारे पीआईयू के अस्तित्व में आने के बाद वर्ष 2015-16 में बैतूल में प्रभारी ईई की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। करीब एक साल के इस कार्यकाल के दौरान वे कई विवादों में रहे।
उस समय सत्तारूढ़ दल के स्थानीय नेताओं से उनकी पटरी नहीं बैठने की चर्चा रही, वहीं कुछ ठेकेदारों ने भी उनके कामकाज को लेकर आपत्तियां उठाई थीं। अब छिंदवाड़ा में आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई और संपत्ति मिलने की जानकारी सामने आने के बाद बैतूल में उनके पुराने कार्यकाल से जुड़े किस्से भी फिर चर्चा में हैं।
पीआईयू में संभाली थी प्रभारी ईई की जिम्मेदारी
पीआईयू के बैतूल में अस्तित्व में आने के शुरुआती दौर में कमलकिशोर सिंगारे को प्रभारी कार्यपालन यंत्री की जिम्मेदारी मिली थी। वर्ष 2015-16 के दौरान उन्होंने जिले में पीआईयू के कामकाज को संभाला। हालांकि उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा और करीब एक साल बाद ही उनका तबादला हो गया। उस दौरान विभागीय कामकाज को लेकर राजनीतिक और ठेकेदारों के स्तर पर उनके साथ मतभेद की चर्चाएं सामने आती रही थीं।
सत्तारूढ़ दल के नेताओं से नहीं बैठी पटरी
सिंगारे के बैतूल कार्यकाल की सबसे ज्यादा चर्चा उस समय सत्तारूढ़ दल के स्थानीय नेताओं के साथ उनके संबंधों को लेकर हुई थी। विभागीय कामों को लेकर कई मामलों में उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठे और नेताओं से उनकी पटरी नहीं बैठने की बात कही जाती रही। हालांकि इन विवादों को लेकर उस समय कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई और करीब एक साल के भीतर वे बैतूल से रवाना हो गए।
ठेकेदारों ने भी खोला था मोर्चा
उनके कार्यकाल में विभागीय निर्माण कार्यों को लेकर कुछ ठेकेदार भी असंतुष्ट बताए जाते थे। ठेकेदारों और विभाग के बीच कामकाज तथा भुगतान सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर खींचतान की स्थिति बनी रहने की चर्चा रही। सिंगारे के तबादले के बाद यह अध्याय शांत हो गया था, लेकिन छिंदवाड़ा की मौजूदा कार्रवाई ने उनके बैतूल कार्यकाल से जुड़े पुराने विवादों को फिर सामने ला दिया है।
आमला के नाहिया गांव का मामला भी रहा था सुर्खियों में
सिंगारे के बैतूल कार्यकाल से जुड़ा आमला ब्लॉक के नाहिया गांव का मामला भी लंबे समय तक चर्चा में रहा। निर्माण कार्य से जुड़े विवाद के बाद उनके साथ मारपीट होने की घटना की चर्चा विभागीय हलकों में रही थी। इस घटनाक्रम ने उस समय भी उनके कामकाज और विवादों को लेकर सवाल खड़े किए थे।
छिंदवाड़ा की कार्रवाई ने फिर ताजा की पुरानी यादें
अब छिंदवाड़ा में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के दौरान सिंगारे से जुड़ी संपत्तियों और नकदी आदि की जानकारी सामने आने के बाद बैतूल में उनके पुराने कार्यकाल की चर्चाएं फिर शुरू हो गई हैं। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की जांच के सिलसिले में हुई है।
कार्रवाई में सामने आए दस्तावेज और संपत्तियों का वास्तविक स्वरूप जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल बैतूल के स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों और विभागीय जानकारों के बीच उनके करीब एक दशक पुराने कार्यकाल से जुड़े विवादों की चर्चा फिर होने लगी है।
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