Betul Samachar: तबादले की चिट्ठी हाथ में, कुर्सी पर कब्जा बरकरार!

वन विभाग में तबादला आदेश बेअसर, मलाईदार सीटों पर चिपके कर्मचारी
Betul Samachar: बैतूल। वन विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों और पदोन्नतियों के बाद भी कई अधिकारी-कर्मचारियों का पुरानी कुर्सी से मोह खत्म नहीं हो रहा है। तबादला आदेश जारी होने के बावजूद कई कर्मचारियों को अब तक रिलीव नहीं किया जा सका है।
विभाग के विभिन्न मंडलों में सामने आ रही इस स्थिति ने तबादला प्रक्रिया और अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं विभागीय सूत्रों की मानें तो कुछ कर्मचारी नई पदस्थापना पर पहुंच चुके हैं, जबकि कथित तौर पर मलाईदार सेक्शनों में जमे कर्मचारियों को रवानगी देने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक पुरानी पदस्थापना पर जमे कर्मचारियों में ऐसे अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी तैनाती उन सेक्शनों में है जहां लाखों के बजट से काम होते हैं। यही वजह है कि तबादला आदेश जारी होने के बावजूद रिलीविंग में हो रही देरी को लेकर खुद विभाग के अंदर ही चर्चाओं का बाजार गर्म है। सारणी रेंज में पदस्थ रेंजर सारवेन्दु नायक का जिले से बाहर तबादला होने की जानकारी है।
बावजूद इसके उनकी रवानगी नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि महिला रेंजर वंदना मेहतो के पास फिलहाल किसी रेंज का चार्ज नहीं होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में तबादला आदेश के बाद भी वर्तमान पदस्थापना पर अधिकारी के बने रहने को लेकर विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
भंौरा से बैतूल तबादला, फिर भी नहीं मिल रही रवानगी
भौरा रेंज में पदस्थ वनरक्षक अमित मिश्रा का तबादला बैतूल रेंज किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वे अभी भी भौरा रेंज से रिलीव नहीं हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक उनके कथित संपर्क और विवादों में रहने के आरोप भी जग जाहिर हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बावजूद तबादले के बाद भी रवानगी नहीं होने का कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी तरह उत्पादन वन मंडल में पदस्थ बाबू कैलाश दरवाई का उत्तर वन मंडल में तबादला हुए करीब दो माह बीतने को हैं, लेकिन वे अब भी पुरानी जगह पर ही जमे बताए जा रहे हैं। विभागीय सूत्र इसे रिलीविंग व्यवस्था की गंभीर खामी मान रहे हैं।
सात दिन में ज्वाइनिंग के निर्देश, फिर इतनी देरी क्यों?
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि तबादला आदेश के बाद निर्धारित अवधि में कर्मचारी को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होता है। ऐसे में महीनों तक रिलीविंग नहीं होना नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि विभागीय अधिकारी इन मामलों में कार्रवाई करते हैं या तबादला आदेश महज कागजों तक सीमित रह जाते हैं।
इनका कहना….
आज बैठक आयोजित की गई है, बैठक में इस सम्बंध में चर्चा की जाएगी। जिन कर्मचारियो को रिलीव नहीं किया गया है, उन्हें रिलीव किए जाने के निर्देश देंगे।
मधु वी राजू, सीसीएफ, वनवृत बैतूल




