Betul News : नाबालिगों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति गंभीर औऱ नुकसानदेह!
उमरी में संदल के दौरान युवाओं में चाकूबाजी की घटना से हर कोई हैरत में

बैतूल। उमरी में संदल के दौरान नाचने को लेकर हुए मामूली विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में नाबालिगों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति कितनी गंभीर और नुकसानदेह साबित हो सकती है। 26 अगस्त को संदल के दौरान धक्का लगने की बात को लेकर दो विधि-विरुद्ध अपचारी बालकों ने एक नाबालिग के साथ गाली-गलौज करते चाकू से हमला कर दिया।
घटना के बाद थाना गंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते दोनों को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दोनों को उनके घर से अभिरक्षा में लिया। पूछताछ के दौरान घटना में संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया।
घटना भले ही एक मामूली धक्का लगने की बात से शुरू हुई हो, लेकिन उसका हिंसक रूप ले लेना समाज के लिए चिंता का विषय है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और खेल का सामान होना चाहिए, उस उम्र में विवादों का समाधान गाली-गलौज और चाकू जैसे हथियारों से करने की प्रवृत्ति भविष्य के लिए गंभीर संकेत मानी जा सकती है।
पारिवारिक माहौल ज्यादा जिम्मेदार, बच्चों की फितरत की अनदेखी
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों और किशोरों में बढ़ती आक्रामकता के पीछे परिवार, संगत, नशे की प्रवृत्ति, सोशल मीडिया पर हिंसक सामग्री और अनुशासन की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं। कुछ हद तक पारिवारिक माहौल भी इसके लिए ज्यादा जिम्मेदार है।
पालक के बच्चों की फ़ितरतों को नजर अंदाज किये जाने का परिणाम इसी तरह सामने आता है। ऐसे मामलों में केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं, बल्कि अभिभावकों और समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हालांकि पुलिस ने दोनों विधि-विरुद्ध अपचारी बालकों के विरुद्ध वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू की है। उमरी की यह घटना अभिभावकों के लिए भी चेतावनी है कि बच्चों की संगत, व्यवहार और गतिविधियों पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है ।




