Betul Ki Nai Pahal : समाज-सरकार की साझेदारी से बदलेगी 2284 स्कूलों की तस्वीर

पहले चरण में 20 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य, विधायक हेमंत ने भी ली 10 स्कूलों की जिम्मेदारी

बैतूल। शासकीय विद्यालयों में सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए हर जरूरत की पूर्ति केवल सरकारी संसाधनों से ही क्यों हो? यदि समाज अपने आसपास के स्कूलों को अपना विद्यालय समझकर उनके विकास में सहभागी बने, तो न केवल हजारों बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है बल्कि समाज के जुड़ाव से स्कूलों का बेहतर प्रबंधन हो सकता है। इसी सोच ने बैतूल में ‘शिक्षा संजीवनी अधोसंरचना विकास अभियानÓ की नींव रखी। प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बैतूल हेमन्त खंडेलवाल की इस सोच को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने जनभागीदारी की विस्तृत कार्ययोजना का स्वरूप दिया और अब यह अभियान समाज, सरकार, जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं और नागरिकों की सामूहिक सहभागिता से ‘बैतूल मॉडल’ के रूप में आकार ले रहा है।
इसी अभियान की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक भैंसदेही महेन्द्र सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे , कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे सहित विभिन्न बैंकिंग संस्थाओं के प्रतिनिधि, सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि, नागरिक, निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदार तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान के तहत अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 2284 शासकीय विद्यालयों का चिन्हांकन किया गया है। प्रथम चरण में 415 विद्यालयों में अधोसंरचना विकास के कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं तथा आगे चरणबद्ध रूप से 500-500 विद्यालयों को विकास कार्यों से जोड़ा जाएगा। चिन्हित प्रत्येक स्कूलों के विकास के लिए अनुमानित 4 से 5 लाख की राशि प्रस्तावित की गई। अभियान के तहत विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार पेयजल, शौचालय, छत एवं भवन मरम्मत, फर्नीचर, विद्युतीकरण, पंखे-लाइट, बाउंड्रीवाल, अतिरिक्त कक्ष और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम चरण में हर ब्लॉकों में चिन्हित 415 स्कूलों में लगभग 18 से 20 करोड़ की लागत से कार्य प्रारंभ होंगे।

5 सितम्बर से हर सप्ताह 100 स्कूलों में शुरू होंगे कार्य

शिक्षक दिवस 5 सितम्बर से चयनित विद्यालयों में अधोसंरचना विकास कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर अभियान में सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं एवं नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा तथा विद्यालयों में उनके योगदान को दर्शाने वाले डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। 5 सितम्बर से प्रत्येक सप्ताह लगभग 100 विद्यालयों में विकास कार्य प्रारंभ किए जाएंगे और इन्हें नवम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

समाज को शिक्षा से जोड़ने की पहल

विधायक हेमन्त खंडेलवाल ने कहा कि ‘शिक्षा संजीवनीÓ केवल स्कूलों की अधोसंरचना सुधारने का अभियान नहीं है, बल्कि समाज को विद्यालयों से जोड़ने की एक पहल है। जब समाज सरकार के साथ मिलकर जनहित के कार्यों में सहभागी बनता है, तो बदलाव अधिक व्यापक और स्थायी होता है। सहयोग करने वाला व्यक्ति या संस्था केवल संसाधन उपलब्ध नहीं कराता, बल्कि उस विद्यालय के विकास और नियमित देखरेख को लेकर अपनी जिम्मेदारी भी महसूस करता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा संजीवनी के इस प्रयास की प्रदेश स्तर पर भी सराहना हुई है। यह मॉडल इस बात का उदाहरण है कि सरकार की योजनाओं और समाज की इच्छाशक्ति को एक साथ जोड़ दिया जाए तो विकास की गति कई गुना बढ़ सकती है।

271 विद्यालयों में कार्य आवंटित, 600 से अधिक नागरिक और संस्थाएं आगे आई

अभियान के प्रथम चरण में विभिन्न विभागों, एजेंसियों एवं सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता से अभी तक 271 विद्यालयों में अधोसंरचना विकास कार्यों का आवंटन किया जा चुका है। खनिज विभाग, स्कूल एवं उच्च शिक्षा, राजस्व, पुलिस एवं आबकारी, लोक निर्माण, उद्योग, कृषि, वन, पंचायत एवं नगरीय निकाय, बैंकिंग संस्थाओं तथा जनजातीय कार्य विभाग सहित विभिन्न संस्थाएं विद्यालयों के विकास में सहभागी बन रही हैं।

अभियान के प्रति समाज के विभिन्न वर्गों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। अब तक 600 से अधिक नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन लिंक के माध्यम से सहयोग के लिए अपनी सहमति व्यक्त की है। उर्वरक विक्रेता संघ ने 10 विद्यालयों तथा शुगर मिल ने 5 विद्यालयों के विकास में सहयोग की सहमति दी है। विभिन्न बैंकिंग संस्थाओं, अस्पताल संचालकों, ठेकेदारों, सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों ने भी विद्यालयों को गोद लेकर विकास में सहयोग करने की इच्छा जताई है।

जिले के शिक्षा संघों ने 9000 से अधिक डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने का लिखित संकल्प दिया है। विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, कलेक्टर, अपर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने भी डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने के लिए आगे आएं हैं।

विधायक ने स्वयं 10 विद्यालयों की जिम्मेदारी ली

विधायक ने व्यक्तिगत रूप से 10 शासकीय विद्यालयों के समुचित विकास में सहयोग करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को समाधान का हिस्सा बनकर उदाहरण भी प्रस्तुत करना चाहिए। विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक भैंसदेही महेंद्र सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी व्यक्तिगत रूप से स्कूलों के समग्र विकास की इच्छा जताई।

निजी स्कूल भी बनें मार्गदर्शक

विधायक खंडेलवाल ने जिले के निजी विद्यालयों से भी शासकीय विद्यालयों को गोद लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय अधोसंरचना विकास के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता, तकनीक, नवाचार और बेहतर शिक्षण पद्धतियों में भी शासकीय विद्यालयों का मार्गदर्शन करें। इससे दोनों क्षेत्रों के अनुभवों का लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।

आकर्षक और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर, जनजातीय संस्कृति की मिलेगी झलक

विधायक खंडेलवाल ने कहा कि स्कूलों में होने वाला विकास केवल औपचारिकता न हो, बल्कि विद्यालयों की जरूरत के अनुरूप उपयोगी, गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक होना चाहिए। जिसमें जिले की जनजातीय संस्कृति की झलक दिखाई दें। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार इंजीनियर और आर्किटेक्ट अपनी सेवाएं देंगे। बैठक में उपस्थित इंजीनियर एवं आर्किटेक्ट ने विद्यालयों को बेहतर स्वरूप देने के लिए नि:शुल्क सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी सहमति दी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा संजीवनी का अंतिम उद्देश्य केवल स्कूलों की तस्वीर बदलना नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की दिशा बदलना है। समाज की सहभागिता से जब विद्यालय अपना बनता है, तो उसकी सुविधाओं, गुणवत्ता और भविष्य की जिम्मेदारी भी समाज अपनी मानता है। यही सोच शिक्षा संजीवनी को बैतूल के जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल के रूप में नई पहचान दे रही है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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