Betul News: सूची सार्वजनिक नहीं करने की खबर पर आखिरकार लगी मोहर

अनाथ-दिव्यांग बालिका को भी नहीं मिला छात्रावास, एसडीएम ने पत्रकार को कवरेज से रोका
Betul News: शाहपुर। छात्रावास प्रवेश प्रक्रिया में चयनित विद्यार्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर सांझवीर टाईम्स द्वारा प्रकाशित खबर के बाद अब एक और गंभीर मामला सामने आया है। कन्या उत्कृष्ट छात्रावास शाहपुर में प्रवेश की उम्मीद लगाए बैठी अनाथ और दिव्यांग बालिका को करीब दो माह बाद भी प्रवेश नहीं मिलने का आरोप है।
बालिका के पालक ने पूरे मामले की शिकायत एसडीएम शाहपुर और थाना परिसर में आवेदन देकर जांच व कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, पूर्व में प्रकाशित खबर में सामने आया था कि छात्रावासों में नवीन प्रवेश की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी की जानी थी, लेकिन चयन समिति की बैठक करीब 15 दिन की देरी से 15 जुलाई को हुई।
बैठक के एक सप्ताह बाद तक भी चयन सूची सार्वजनिक नहीं की गई। सूची सार्वजनिक नहीं होने से अभिभावकों में नाराजगी थी और प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे थे। इसी बीच कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के विद्यार्थियों के नाम सूची में शामिल कराने के लिए दबाव बनाए जाने की चर्चाएं भी सामने आई थीं, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अनाथ-दिव्यांग बालिका को भी नहीं मिला प्रवेश
अब मामला कोयलारी निवासी आशिका बरकड़े का सामने आया है। उसके पिता स्व. जगदीश बरकड़े हैं। परिजनों के अनुसार आशिका अनाथ होने के साथ दिव्यांग भी है। उसका आवेदन कन्या उत्कृष्ट छात्रावास शाहपुर में प्रवेश के लिए दिया गया था। बालिका के पालक गोविंद उइके का कहना है कि उसका शाहपुर के स्कूल में प्रवेश कराया गया था।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि बालिका अनाथ और दिव्यांग होने के कारण छात्रावास में प्रवेश दिलाया जाएगा। पालक के मुताबिक करीब दो माह बीतने के बावजूद छात्रावास में प्रवेश नहीं मिला। आखिरकार प्रवेश नहीं होने पर बालिका के चाचा उसे स्कूल से वापस घर ले गए। बुधवार को बालिका अपने पालक के साथ मामले की जानकारी लेने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची।
अधिकारी पर धमकी देने का आरोप
पालक गोविंद उइके का आरोप है कि कार्यालय में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जीआर बर्डे ने उन पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर तक करने की बात कही। शिकायतकर्ता के अनुसार अधिकारी ने कहा कि वे उन पर दबाव बना रहे हैं और एफआईआर कर सकते हैं। हालांकि इन आरोपों पर अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है। मामला बढऩे के बाद पालक ने एसडीएम शाहपुर और थाना परिसर में आवेदन देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कवरेज को लेकर पत्रकार और एसडीएम में बहस
इधर, आवेदन देने की प्रक्रिया की कवरेज करने पहुंचे सांझवीर टाईम्स के स्थानीय संवाददाता को लेकर भी विवाद की स्थिति बन गई। हमारे संवाददाता ने बताया कि मौके पर एसडीएम ने उन्हें फोटो-वीडियो बनाने से रोकते हुए कहा कि मामले को राजनीति का मुद्दा न बनाया जाए।
संवाददाता के मुताबिक उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पत्रकार हैं और अपना काम कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि कार्यालय के बाहर गाड़ी में बैठकर फोटो-वीडियो बनाए जा रहे थे, बावजूद इसके उन्हें कवरेज से रोकने का प्रयास किया गया। बातचीत के दौरान एसडीएम प्रांजल आर ने उनसे अभद्रता भी की।
पत्रकार ने आवेदन की प्राप्ति या जवाब मांगने पर भी एसडीएम द्वारा यह कहे जाने का आरोप लगाया कि वे इसके लिए अधिकृत नहीं हैं और इसके लिए पीआरओ बैतूल से संपर्क किया जाए। इस बारे में बैतूल से एसडीएम प्रांजल आर को उनके मोबाईल 9़015757933 पर चर्चा करने के लिए कई बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसी तरह कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे ने भी मोबाईल रिसीव नहीं किया। इसलिए दोनों अधिकारियों के वर्जन सामने नही आए।
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