Betul Ki Khabar: थानों में जब्त वाहनों का कबाड़खाना, निर्माण के लिए जमीन पड़ी कम

16 थानों में हजारों वाहन खा रहे जगह

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले के 16 थानों और पुलिस चौकियों में इन दिनों जब्त वाहनों का अंबार पुलिस के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। थानों के परिसर में जहां पुलिसिंग से जुड़े जरूरी काम और नए निर्माण की जरूरतें पूरी होनी चाहिए, वहां बड़ी संख्या में खड़े पुराने और जब्त वाहन जगह घेरकर खड़े हैं। हालात देखकर कई स्थानों पर यह समझना मुश्किल हो जाता है कि परिसर थाना है या वाहनों का कबाड़खाना।हालांकि इन हालातों से पुलिस अधिकारी भी भली भांति परिचित हैं, लेकिन बिना किसी आदेश के वाहनों का निष्पादन करने के लिए अधिकारी भी मजबूर हैं।

जिले के विभिन्न थानों में अपराधों और दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में जब्त किए गए हजारों वाहन लंबे समय से परिसर में खड़े हैं। इनमें दोपहिया से लेकर चारपहिया और अन्य वाहन शामिल हैं। समय बीतने के साथ कई वाहन खराब हालत में पहुंच चुके हैं। वाहनों की संख्या इतनी अधिक है कि कई थानों में भवन और अन्य सुविधाएं भी इनके बीच छोटी नजर आती हैं। पुलिस थानों में बढ़ती जरूरतों के चलते समय-समय पर भवन विस्तार, बैरक, पार्किंग और अन्य निर्माण कार्यों की आवश्यकता सामने आती रहती है। लेकिन परिसर की बड़ी जमीन पहले से जब्त वाहनों से भरी होने के कारण निर्माण के लिए पर्याप्त स्थान निकालना चुनौती बन गया है। कई जगह अधिकारियों और कर्मचारियों के निजी वाहनों की पार्किंग तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है।

नीलामी के आदेश का इंतजार बना मजबूरी

सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन जब्त वाहनों को हटाने या नीलाम करने के संबंध में पुलिस मुख्यालय से स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया जा सकता। जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वाहनों को परिसर से हटाना भी संभव नहीं है। पुलिस अधिकारी भी इस समस्या से पूरी तरह वाकिफ हैं। माना जा रहा है कि जब्त वाहनों के निस्तारण और नीलामी की प्रक्रिया को लेकर जल्द ही उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा। यदि वाहनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा होता है तो थानों में जगह की समस्या दूर होने के साथ भविष्य के निर्माण कार्यों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

इनका कहना…..

वास्तव में थानों में जब्ती वाहनों की संख्या अधिक हो चुकी है। इनके निष्पादन के लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।

कमलेश खरपुसे, एएसपी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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