Betul Ki Khabar: किराया बढ़ाया, लेकिन बसों में नहीं लगी किराया सूची

नई दरें लागू होने के बाद यात्री हो रहे भ्रमित, बस स्टैंड पर भी सूची का अता-पता नहीं
Betul Ki Khabar: बैतूल। यात्री बसों के किराए में बढ़ोतरी तो कर दी गई, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में नई किराया सूची लगाना जिम्मेदार भूल गए। नई दरें लागू होने के बाद भी अधिकांश बसों में किराया सूची नजर नहीं आ रही है। ऐसे में यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कितना किराया देना होगा, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
कई बार यात्री और बस कंडक्टर के बीच किराये को लेकर असमंजस की स्थिति भी बन रही है। जानकारी के अनुसार यात्री बसों के किराये में करीब 2 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है।
किराये में वृद्धि का सीधा असर रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने-जाने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बढ़ा हुआ किराया अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है। जिले में बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए यात्री बसों पर निर्भर हैं।
किराया बढ़ा तो सूची लगाना भी जरूरी
बसों में किराया सूची लगाने का उद्देश्य यात्रियों को पहले से यह जानकारी देना है कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कितना किराया देना होगा। किराया सूची लगी होने पर यात्री बस में बैठने से पहले ही निर्धारित किराये की जानकारी ले सकते हैं।
इससे यात्रियों और बस संचालकों के बीच किराये को लेकर विवाद की स्थिति भी नहीं बनती। लेकिन बैतूल में किराये की नई दरें लागू होने के बावजूद बसों में सूची नहीं लगाई गई है। इससे यात्रियों को कंडक्टर से किराया पूछकर ही यात्रा करनी पड़ रही है। कई ग्रामीण यात्री, जो अलग-अलग मार्गों पर नियमित सफर नहीं करते, उन्हें किराये की जानकारी नहीं होने के कारण ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
बस स्टैंड पर भी नहीं दिख रही किराया सूची
बसों के साथ-साथ बस स्टैंड पर भी यात्रियों की सुविधा के लिए किराया सूची प्रदर्शित होना चाहिए। लेकिन बैतूल बस स्टैंड पर भी यात्रियों को किराये की जानकारी देने वाली सूची का अभाव नजर आ रहा है। यात्री बस स्टैंड पहुंचने के बाद यह पता नहीं कर पाते कि उन्हें अपने गांव या शहर तक जाने के लिए कितना किराया देना होगा।
यदि बस स्टैंड पर प्रमुख मार्गों और गंतव्यों की किराया सूची प्रदर्शित की जाए तो यात्री बस में सवार होने से पहले ही किराये की जानकारी हासिल कर सकते हैं। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
परिवहन विभाग के निर्देशों की अनदेखी
यात्रियों की सुविधा और किराये में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग द्वारा बसों में निर्धारित किराया सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बावजूद बस संचालकों द्वारा सूची नहीं लगाना सवाल खड़े कर रहा है।
किराये में बढ़ोतरी के बाद विभाग को बसों की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि सभी बसों में नई किराया सूची लगाई गई है या नहीं। अब सवाल यह है कि किराया बढ़ाने के बाद यात्रियों को नई दरों की जानकारी देने की व्यवस्था कब तक होगी।
यात्रियों की मांग है कि परिवहन विभाग बसों और बस स्टैंड पर तत्काल किराया सूची लगवाए, ताकि यात्रा के दौरान किराये को लेकर भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। बसों में किराया सूची नहीं लगाए जाने के संबंध में जिला परिवहन अधिकारी अनुराग शुक्ला से मोाबाईल से चर्चा करनी चाही लेकिन उनसे चर्चा नहीं हो सकी।




