Betul Ki Khabar: सीएमएचओ पर जांच की आंच तेज, पुराने विवाद भी आए चर्चा में

तबादलों से लेकर कर्मचारियों के अटैचमेंट तक कई मामलों पर उठ रहे सवाल, नोटिस का जवाब देने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

Betul Ki Khabar: बैतूल (सांझवीर टाईम्स)। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज हुरमाड़े पर लगे अनियमितता और लापरवाही के आरोपों की जांच जारी है। इस बीच उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जारी नोटिस का जवाब देना है। जवाब मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी और निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की नौबत आती है या नहीं। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य विभाग के मुखिया की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।

सूत्रों के अनुसार, डॉ. हुरमाड़े को प्रभारी सीएमएचओ का दायित्व सौंपे जाने से पहले वे आठनेर में बीएमओ के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान उनकी कार्यशैली को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने पर उन्हें आदिवासी बहुल बैतूल जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शुरुआती दिनों में उनकी कार्यप्रणाली को लेकर विभाग और जनप्रतिनिधियों में संतोष का माहौल रहा, लेकिन समय बीतने के साथ कई फैसलों और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठने लगे।

तबादलों को लेकर भी उठते रहे सवाल

स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों को लेकर भी पिछले वर्ष से ही चर्चाओं का दौर जारी रहा। विभागीय सूत्रों का दावा है कि कई स्थानांतरण प्रक्रियाओं को लेकर दबी जुबान में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। हालांकि इन मामलों में कोई औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई, लेकिन कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच असंतोष की चर्चा लगातार होती रही।

बताया जाता है कि इस वर्ष भी कुछ तबादले बिना व्यापक जानकारी के किए गए, जिससे कई जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। सूत्रों का कहना है कि तबादलों की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं और कुछ मामलों में पक्षपात के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

आउटसोर्स नियुक्तियों की जांच के बीच बढ़ी मुश्किलें

वर्तमान में सीएमएचओ पर आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति में मनमानी और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है। जांच की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब पुराने विवाद भी सामने आने लगे हैं। विभाग से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि वे जल्द ही इन मामलों को लेकर जिले के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में हैं।

कर्मचारियों का अटैचमेंट बना बड़ा मुद्दा

स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के अटैचमेंट का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद कई कर्मचारियों को नियमों के विपरीत उनकी मूल पदस्थापना से अलग स्थानों पर अटैच कर रखा गया है। आरोप है कि इनमें से कई कर्मचारी सीएमएचओ के करीबी माने जाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अटैचमेंट के कारण कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी की स्थिति बन रही है। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।

जांच होने पर खुल सकते हैं कई तथ्य

सूत्रों का मानना है कि यदि कर्मचारियों के अटैचमेंट, तबादलों और अन्य प्रशासनिक निर्णयों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें नोटिस के जवाब और विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई से यह तय होगा कि आरोप कितने सही साबित होते हैं और स्वास्थ्य विभाग में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें

👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t

बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button