Acid Attack Incident: एसिड कांड में नया मोड़, वन विभाग के अधिकारियों ने मामला किया खारिज

आरोपी को पहली बार मुचलके पर छोड़ने पर उठे सवाल
Acid Attack Incident: बैतूल। उत्तर वन मंडल की शाहपुर रेंज में हुए चर्चित एसिड कांड में अब एक नया खुलासा सामने आया है। सूत्रों के अनुसार अवैध सागौन कटाई और परिवहन के मामले में पकड़े गए आरोपी अरनेश राठौर को पहली बार पूछताछ के बाद मुचलके पर छोड़ दिया गया था। बाद में स्थल सत्यापन के लिए उसे दोबारा राउंडअप किया गया, जिसके दौरान एसिड जैसे तरल पदार्थ के सेवन की घटना हुई। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है।
इस मामले में वन अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को मुचलके पर छोड़ा ही नहीं गया था। विभाग के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर जंगल में कटाई स्थल का सत्यापन कराया जा रहा था। लौटते समय शासकीय वाहन में रखा फर्लिन (तरल रसायन) आरोपी ने पानी समझकर स्वयं पी लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल शाहपुर स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल भेजा गया।
दूसरी ओर, अरनेश राठौर और उसके परिजनों ने वन कर्मियों पर जबरन एसिड पिलाने का आरोप लगाया है। अरनेश का कहना है कि वह मजदूरों को छोड़ने के बाद अपने परिचित संजू विश्वकर्मा के घर रुका था, जहां से वन अमले ने उसे पकड़ लिया। उसका आरोप है कि जंगल में ले जाकर उसके वाहन में अवैध सागौन के ल_े रखे गए और झूठा प्रकरण दर्ज किया गया।
नियमों पर भी उठ रहे सवाल
सूत्रों का दावा है कि यदि किसी आरोपी को मुचलके पर छोड़ दिया गया हो तो बिना वैधानिक प्रक्रिया के उसे दोबारा राउंडअप नहीं किया जा सकता। इसी बिंदु को लेकर अब विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने इस पूरे दावे को निराधार बताते हुए कहा है कि स्थल सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यह घटना हुई थी।
मामले में आरोपी पक्ष और वन विभाग, दोनों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तरल पदार्थ का सेवन किन परिस्थितियों में हुआ, आरोपी के आरोपों में कितनी सच्चाई है और वन विभाग की कार्रवाई नियमानुसार थी या नहीं। फिलहाल यह मामला अवैध सागौन कटाई से आगे बढ़कर हिरासत में सुरक्षा और वन अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
इनका कहना….
आरोपी को पहले मुचलके पर नहीं छोड़ा गया था। स्थल सत्यापन के लिए लेकर गए थे। इस बीच उन्होंने तरल पदार्थ का सेवन कर लिया जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था।
उत्तम सिंह सस्त्या, एसडीओ उत्तर वन मण्डल बैतूल




