Betul News: पंचायतों से लेकर निकाय और विस चुनाव में चला ‘ब्रह्मस्त्र
Betul News: 'Brahmastra' used in elections from Panchayats to Municipal Corporations and Legislative Assembly elections.

भाजपा जिला अध्यक्ष बबला के चार वर्ष पूर्ण, बोले- कार्यकर्ता मेरी असली ताकत
Betul News: बैतूल। आज से ठीक चार वर्ष पहले प्रदेश भाजपा संगठन ने युवा तुर्क आदित्य(बबला) शुक्ला को पार्टी का बैतूल जिला अध्यक्ष बनाया था तो किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था। उस समय वरिष्ठ नेता और जिला संगठन के खास रहे विजय शुक्ला का नाम लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन युवाओं को मौका देने के पार्टी के लक्ष्य ने बबला को कमान सौंपी तो युवा भाजपा कार्यकर्ताओं की खुशी देखने लायक थी।
चार वर्ष का समय कैसे बीता यह खुद भाजपा जिलाध्यक्ष को ही पता नहीं, लेकिन वे अपने कार्यकाल से खुशी से लबरेज दिखाई दे रहे हैं। चार वर्ष पूर्ण होने पर सांझवीर टाईम्स को उन्होंने अपने विचार सांझा कर बताया कि कार्यकर्ता ही उनकी ताकत है, इसी वजह इतना लंबा सफर कैसे बीता, समझ ही नहीं पाए।
अभाविप से अपने छात्र जीवन की राजनीति की शुरुआत कर अल्प समय में बबला ने जिले के युवा तुर्क पर जमकर राज किया। उनकी दबंग छवि और कार्य करने की अलग स्टाइल ने उन्हें ही शुरू से ही सबसे अलग रखा। यही वजह है कि अभाविप में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने जिले की कालेज की छात्र राजनीति में अलग भूमिका निभाई। अधिकांश समय जिले के सबसे बड़े जेएच कॉलेज समेत अन्य कालेज में यदि अभाविप का कब्जा रहा है तो इसके पीछे बबला का कहीं न कहीं बड़ा योगदान होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
अभाविप में रहते हुए उन्हें सक्रियता का ईनाम मिला और विभिन्न पदों पर रहते हुए भी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के अनुसांगिक संगठन भाजपा के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष का स्वर्णिम कार्यकाल भी पूरा कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में युवा मोर्चा में जिस तरह कार्यकर्ताओं का जुड़ाव देखा गया, वह अब तक किसी भी जिला अध्यक्ष के कार्यकाल में देखने को नहीं मिला।जबल
पुर से आए और बैतूल के हो गए
इसे राजनीति का अजब संयोग ही कहे कि बबला मूलत: जबलपुर के रहने वाले हैं, लेकिन बैतूल में आकर ऐसे रचे-बसे कि यही के होकर रह गए। छात्र राजनीति से लेकर भाजपा की राजनीति में उनका जो दबदबा देखने को मिला अब तक पूर्व विधायक अलकेश आर्य के समतुल्य उन्हें माना जा सकता है। बैतूल में राजनीति शुरू करने के पहले बबला ने भाजपा के पितृ पुरूष स्व. विजय खंडेलवाल को अपना आदर्श मानते हुए पहला कदम रखा था, इसके बाद जबलपुर के इस युवा को राजनीति में लाने का श्रेय भी कहीं न कहीं स्व. खंडेलवाल को ही जाता है।
इसके बाद बबला को बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल का काफी करीबी माना जाता है। कहा तो यह भी जा रहा है कि अभाविप में काम करने के दौरान बबला को बैतूल की राजनीति में युवाओं की जबरदस्त टीम होने के कारण प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद वीडी शर्मा ने बैतूल जिला अध्यक्ष बनाया है।
गांव से लेकर शहर तक भाजपा का डंका बजा
उनके चार वर्ष के कार्यकाल जो लेखा जोखा सामने आया है। वह उन्हें शत प्रतिशत अंक दे सकता है। दरअसल उनके कार्यकाल की शुरुआत उस समय हुई थी जब प्रदेश में कांग्रेस से सरकार छिटक कर भाजपा के पाले में आई थी। कार्यकारिणी उन्होंने लंबा समय लिया, लेकिन एक सशक्त युवाओं की टीम तैयार कर प्रदेश संगठन को जबरदस्त संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल में जिला, जनपद चुनाव में भाजपा का ऐसा परचम लहराया कि 22 में से 17 जिपं सदस्य भाजपा के जीते।
दो जनपदों को छोड़कर शेष पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष को उन्हीं के कार्यकाल में कुर्सी मिली। पंचायत के साथ हुए नगरपालिका चुनाव में भी बबला के जिला अध्यक्ष रहते हुए वे केवल आमला और मुलताई में पार्टी का अध्यक्ष नहीं बना पाने की टीस रही, लेकिन मुलताई में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद भाजपा का अध्यक्ष बनने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
यदि विस चुनाव की बात करें तो उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर संगठन तक आत्मविश्वास से बता दिया था कि बैतूल में पांचों सीट भाजपा की जीत रही है और हुआ भी ऐसा ही। उनके इस आत्मविश्वास की प्रदेश संगठन ने भी खूब प्रशंसा की अब उनका दावा है कि चार जून को आने वाले परिणाम गज चुनाव का रिकार्ड तोड़कर इतिहास रचेंगे।
परिश्रम से किया हर काम का फल बेहतर होता है: बबला
चार वर्ष का कार्य पूरा होने पर सांझवीर टाईम्स से अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि पार्टी ने जो लक्ष्य दिया उसे परिश्रम से पूरा करना ही उनका टारगेट रहा है। जब पार्टी ने जवाबदारी सौंपी थी, इसके बाद से ही कार्यकर्ताओं की टीम ने जिस शिद्दत से साथ दिया, इसके हमेशा ऋणी रहेंगे।
वे बताते हैं कि चार वर्ष के कार्य में ऐसी कोई टिस नहीं है। इसके पीछे वे बताते हैं कि हमेशा जो लक्ष्य निर्धारित किया था, पार्टी के प्रदेश और जिला स्तर के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में पूरे होते रहे। बबला ने कहा कि पार्टी अगला लक्ष्य जो भी देगी, बस उसे पूरा करना ही टारगेट रहेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मिले सहयोग के लिए वरिष्ठ और कनिष्ठ कार्यकर्ताओं का भी आभार जताया।





