Betul Ki Khabar: आंगनबाड़ी केन्द्र बनेंगे ‘पोषण और जल संरक्षण” के मॉडल, हर चयनित केन्द्र को मिलेंगे 26 हजार रुपए

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले में बच्चों के बेहतर पोषण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत चयनित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे और पोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य एक तरफ भूजल स्तर को बढ़ाना है, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को ताजी और पौष्टिक सब्जियां एवं फल उपलब्ध कराना है।

विभागीय जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्रों में इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी नगर पालिकाओं को और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। वर्तमान में ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्रों का चयन किया जा रहा है जहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और पोषण वाटिकाओं का प्रभावी संचालन संभव हो सके। हालांकि योजना के पहले चरण में जिले के सभी केन्द्रों को शामिल नहीं किया गया है, बल्कि चयनित केन्द्रों पर ही कार्य कराया जाएगा।

वर्षा जल का होगा संग्रहण, भूजल स्तर बढ़ाने पर फोकस

योजना के तहत आंगनबाड़ी परिसरों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का संग्रहण और संरक्षण किया जा सकेगा। संग्रहित पानी को जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही इस जल का उपयोग पोषण वाटिकाओं में लगाए गए पौधों की सिंचाई के लिए भी किया जाएगा। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ पानी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

बच्चों को मिलेंगी ताजी सब्जियां और फल

पोषण वाटिकाओं में विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियां, हरी पत्तेदार फसलें और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इनसे प्राप्त होने वाली ताजी उपज का उपयोग आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों के पोषण आहार में किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों को अधिक पौष्टिक भोजन
— उपलब्ध होगा और कुपोषण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

प्रत्येक केन्द्र को मिलेंगे 26 हजार रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन की ओर से प्रत्येक चयनित आंगनबाड़ी केन्द्र को 26 हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि का उपयोग वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के निर्माण और पोषण वाटिका विकसित करने में किया जाएगा।

तीन उद्देश्यों को साधेगी एक योजना विभाग के अनुसार यह योजना जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और पोषण सुरक्षा जैसे तीन महत्वपूर्ण उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो इससे न केवल बच्चों को बेहतर पोषण मिलेगा, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण और हरित वातावरण के निर्माण में भी उल्लेखनीय योगदान होगा।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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