Betul News: कोचिंग की क्लास या खतरे का जाल, कई सेंटरों में नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम

एक रास्ता, सैकड़ों छात्र और सुरक्षा शून्य, बैतूल के कोचिंग सेंटरों पर सवाल

Betul News: बैतूल। लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत की घटना ने देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे के बाद बैतूल जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की स्थिति भी चिंता का विषय बन गई है। जानकारी के अनुसार अकेले बैतूल शहर में करीब 100 और पूरे जिले में लगभग 500 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कई सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर छात्रों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।

नपा द्वारा करीब 3 वर्ष पहले कोचिंग सेंटरों की जांच की गई थी , उसके बाद निरीक्षण ही नहीं किया गया। इस बीच कई सेंटर औऱ खुल चुके हैं। सेंटर संचालक खुलेआम लालच के चक्कर मे बच्चों की जान से खिलवा? कर रहे हैं। हालांकि घटना के बाद सीएमओ नवनीत पांडेय ने अधिकारियों को जांच और निरीक्षण करवाने के निर्देश दे दिए हैं।

कई सेंटरों में नहीं हैं आपातकालीन निकास

शहर के कई कोचिंग सेंटर संकरी गलियों और किराए की इमारतों में संचालित हो रहे हैं। इनमें आग या अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। कई भवनों में प्रवेश और निकास का केवल एक ही रास्ता है, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में छात्रों को बाहर निकालना काफी मुश्किल हो सकता है।

फायर सेफ्टी उपकरणों और अग्निशमन एनओसी का भी अधिकांश स्थानों पर अभाव बताया जा रहा है। नपा ने कितने सेंटर संचालको को फायर एनओसी दे रखी है इसकी जानकारी खुद नपा को ही नहीं है।

 पूरे जिले में नियमों की खुलेआम हो रही अनदेखी

सूत्रों के मुताबिक जिले के अधिकांश कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण और ब्लॉक मुख्यालयों में संचालित कई संस्थानों की नियमित जांच तक नहीं होती। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

किराए के कमरों मे स्कूल शिक्षक भी चला रहे कोचिंग सेंटर

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि कई स्कूल शिक्षक अतिरिक्त आय के लिए किराए के कमरों में कोचिंग सेंटर संचालित कर रहे हैं। इन संस्थानों में छात्रों से मनमानी और मोटी फीस वसूली जा रही है, जबकि सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। अभिभावक भी बेहतर परिणाम की उम्मीद में बच्चों के प्रवेश के समय सुरक्षा संबंधी पहलुओं को नजरअंदाज कर देते हैं।

अभिभावक को इन बातों का ध्यान रखने की जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी कोचिंग सेंटर में प्रवेश दिलाने से पहले भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र, फायर एनओसी, पर्याप्त वेंटिलेशन, फर्स्ट-एड किट, सीसीटीवी कैमरे, साफ पेयजल और अलग-अलग शौचालय जैसी सुविधाओं की जांच आवश्यक है। प्रत्येक छात्र के लिए पर्याप्त जगह और आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

नगर पालिका परिषद बैतूल के सीएमओ नवनीत पांडेय ने बताया कि शहर के सभी कोचिंग सेंटरों की जांच और निरीक्षण के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना पंजीयन या सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित पाए जाने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इनका कहना…..

कोचिंग सेंटरों की जांच और निरीक्षण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। नियमो का उलंघन पाए जाने पर संचालक के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

नवनीत पांडेय सीएमओ नपा बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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