Bio Medical Waste Solution Company: बायो मेडिकल वेस्ट सॉल्यूशन कंपनी पर प्रदूषण बोर्ड का डंडा!

मनमानी शुल्क वसूली और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में अनियमितताओं पर लिया संज्ञान, कंपनी पर सख्ती

Bio Medical Waste Solution Company: बैतूल। सांझवीर टाईम्स की खबर का त्वरित असर देखने को मिला है। जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम से बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रहण एवं निपटान का कार्य करने वाली मेसर्स इनवायरो क्लीन सॉल्यूशन, छिंदवाड़ा की कार्यप्रणाली को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है।

अस्पताल संचालकों द्वारा कम्पनी की मनमानी और नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के बाद क्षेत्रीय अधिकारी एमपी तिवारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड के सचिव एवं सदस्य सचिव, भोपाल को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की है। गौरतलब है कि कम्पनी की मनमानी के खिलाफ निजी अस्पताल संचालकों में बेहद आक्रोश देखा जा रहा था।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे गए प्रतिवेदन में बताया गया है कि कम्पनी द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन के लिए मनमाने ढंग से शुल्क बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा अस्पतालों से कथित रूप से अवैध वार्षिक पंजीकरण शुल्क भी लिया जा रहा है। शिकायत में यह भी सामने आया कि चार बेड वाले अस्पतालों से वास्तविक क्षमता के बजाय न्यूनतम 10 बेड का शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे छोटे चिकित्सा संस्थानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के प्रावधानों का उल्लंघन

क्षेत्रीय अधिकारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि कम्पनी द्वारा जिले के अस्पतालों से प्रतिदिन नियमित रूप से जैव चिकित्सा अपशिष्ट का उठाव और परिवहन नहीं किया जा रहा है। इसके कारण अस्पताल परिसरों में बायोमेडिकल वेस्ट के जमा होने की स्थिति बन रही है, जिससे संक्रमण और गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। यह स्थिति जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के प्रावधानों का उल्लंघन मानी जा रही है।

 

अन्य जिलों की तर्ज पर न्यायसंगत दर की मांग

अस्पताल संचालकों ने मांग की है कि अन्य जिलों की तरह बैतूल में भी बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन के लिए अधिकतम 12 रुपये प्रति बेड की न्यायसंगत दर निर्धारित की जाए। उनका कहना है कि वर्तमान शुल्क संरचना अव्यवहारिक और छोटे अस्पतालों के लिए आर्थिक रूप से नुकसानदायक है।

अस्पतालों को मिले कम्पनी चयन की स्वतंत्रता

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि बैतूल जिले के चिकित्सा संस्थानों को किसी एक कम्पनी पर निर्भर रहने के बजाय अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार अन्य अधिकृत कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी कम्पनी का चयन करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अस्पतालों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

मामले के सार्वजनिक होने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संज्ञान लेने के बाद अब स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों को उम्मीद है कि जल्द ही कम्पनी की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिससे बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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