Betul News: जरा सी बारिश में गुल बिजली, मेंटेनेंस व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा, अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर निशाना
Betul News: बैतूल। जिले में सोमवार दोपहर हुई करीब एक घंटे की बारिश ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। बारिश और तेज हवा के बाद शहर के कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश से पहले बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर पेड़ों की शाखाएं काटने और लाइनों की सफाई करने के दावे किए गए थे, लेकिन मामूली मौसम परिवर्तन के बाद ही सप्लाई ठप होने से विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। शाम तक बिजली बहाल नहीं होने पर लोगों का आक्रोश सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आया।
वर्षों से जमे अधिकारियों पर उठे सवाल
बिजली कटौती को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। अधिवक्ता कपिल वर्मा ने लिखा कि बिजली विभाग साल भर मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखता है, लेकिन इसके बावजूद हल्की बारिश और हवा में सप्लाई ठप हो जाना विभागीय दावों की हकीकत उजागर करता है।
वहीं संजय शेषकर ने शिकायत करते हुए कहा कि रात भर से बिजली बंद है और शिकायत के बावजूद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। अनिल भट्ट ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके घरों में इन्वर्टर और वैकल्पिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं, उन्हें आम लोगों की परेशानियों का अंदाजा नहीं है।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में कई अधिकारी वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और जवाबदेही की कमी के कारण व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई और कहा कि शहर की तुलना में गांवों में घंटों बिजली बंद रहने की समस्या अधिक गंभीर है।
वास्तविक मेंटेनेंस की जरूरत, केवल औपचारिकता नहीं
विभागीय सूत्रों के अनुसार बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों के रखरखाव के लिए शासन से हर वर्ष लाखों का बजट जारी किया जाता है। इस राशि से लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई, कमजोर तारों को बदलना, झूलते तारों को दुरुस्त करना, ट्रांसफार्मरों की मरम्मत तथा इन्सुलेटरों के रखरखाव जैसे कार्य किए जाने चाहिए।
सूत्रों का मानना है कि यदि निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित और गुणवत्तापूर्ण मेंटेनेंस किया जाए तो मामूली बारिश या हवा से बड़े पैमाने पर बिजली बाधित होने की संभावना काफी कम हो जाती है। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में आज भी झूलते तार और जर्जर विद्युत उपकरण आसानी से देखे जा सकते हैं।
जवाबदेही तय करने की मांग
लगातार सामने आ रही बिजली संबंधी समस्याओं के बाद अब आम नागरिक विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर केवल औपचारिकता निभाने के बजाय जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य किए जाएं, ताकि बारिश के मौसम में बार-बार बिजली संकट का सामना न करना पड़े। जनता का मानना है कि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले मानसून में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
इनका कहना…..
पेड़ो के गिरने से लाइन का फाल्ट हुआ था। समय पर सप्लाई शुरू कर दी गई थी। मेन्टेन्स को लेकर सम्बन्धित अधिकारी ज्यादा जानकारी दे सकते हैं।
बीएस बघेल महाप्रबंधक, मप्र विद्युत वितरण कम्पनी,बैतूल
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