Betul News: मेडिकल कॉलेज संचालन पर संकट : 600 बेड की व्यवस्था पूरी नहीं

अभी 350 बेड का हो रहा संचालन, परियोजना के आगे बढ़ने पर सवाल

Betul News: बैतूल। जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भले ही शुरू की गई हों, लेकिन जिला अस्पताल की मौजूदा स्थिति अभी भी बड़ी बाधा बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए अस्पताल में 600 बेड की व्यवस्था होना अनिवार्य है, फिलहाल यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है, जिससे परियोजना के आगे बढ़ने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल को वर्तमान में 350 बेड संचालन की अनुमति प्राप्त है, जबकि विभिन्न वार्डों और इकाइयों को जोड़कर लगभग 450 बेड का संचालन किया जा रहा है। इसके बावजूद यह संख्या मेडिकल कॉलेज की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। नियमानुसार कॉलेज संचालन के लिए कम से कम 600 बेड की सुविधा होना जरूरी है, ताकि मरीजों और मेडिकल छात्रों दोनों की जरूरतें पूरी की जा सकें।

बेड की संख्या बढ़ाना चुनौतीपूर्ण काम

सबसे बड़ी समस्या यह है कि मौजूदा अस्पताल भवनों में बेड संख्या बढ़ाने की कोई खास गुंजाइश नहीं बची है। अस्पताल पहले से ही अपनी क्षमता के करीब संचालित हो रहा है। ऐसे में 600 बेड की व्यवस्था के लिए नए भवन निर्माण या बड़े स्तर पर विस्तार कार्य की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।

यदि समय पर भवन विस्तार और अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो मेडिकल कॉलेज के संचालन में देरी तय मानी जा रही है। वर्तमान हालात में न तो प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिख रही है और न ही जिम्मेदार संस्था की ओर से ठोस पहल की गई है। भूमि पूजन के बाद से प्रक्रिया धीमी पड़ गई है, जिससे पूरा प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा मेडिकल कॉलेज से जुड़ी कई अन्य औपचारिकताएं और कागजी प्रक्रियाएं भी लंबित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल भवन तैयार होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सभी मानकों, संसाधनों और स्टाफ व्यवस्था का पूरा ढांचा तैयार करना जरूरी है। कुल मिलाकर, यदि जल्द ही 600 बेड की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों पर काम शुरू नहीं किया गया तो मेडिकल कॉलेज का संचालन तय समय पर शुरू होना मुश्किल हो सकता है।

जिला अस्पताल का सर्वे कर गई थी टीम, नतीजा सिफर

मेडिकल कॉलेज संचालन संस्था की टीम पिछले महीने जिले के अस्पताल का विस्तृत सर्वे कर लौटी। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के सुचारु संचालन के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का आकलन करना था। टीम ने विशेष रूप से अस्पताल में बेड क्षमता बढ़ाने, वार्डों की स्थिति, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, लैब सुविधाओं और स्टाफ की उपलब्धता का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि मेडिकल कॉलेज के मानकों के अनुरूप अस्पताल में बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है। खासतौर पर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया गया। टीम ने अस्पताल प्रबंधन से विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, मरीजों के दबाव और वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

सर्वे के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसमें आवश्यक सुधार और संसाधन बढ़ाने के सुझाव शामिल होंगे। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे मेडिकल कॉलेज के संचालन का रास्ता साफ हो सकेगा। इस पहल से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इनका कहना…

जिला अस्पताल में 350 बेड संचालित है, मेडिकल कॉलेज के लिए और 300 बेड की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज संचालन करने वाली संस्था द्वारा किया जाएंगा।

डॉ. जगदीश घोरे

सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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