Betul Hospital News: जिला अस्पताल की मरचुरी में पोस्टमार्टम करने पर्याप्त औजार नहीं

पोस्टमार्टम के दौरान होना पड़ेगा परेशान
Betul Hospital News: बैतूल। जिला अस्पताल की मर्चुरी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पोस्टमार्टम किए जाते हैं, लेकिन यहां आवश्यक औजारों और संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है। पर्याप्त उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण पोस्टमार्टम कार्य प्रभावित हो रहा है और डॉक्टरों व कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा लंबे समय से इस समस्या पर गंभीर ध्यान नहीं दिए जाने से व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार मर्चुरी में पोस्टमार्टम के लिए उपयोग होने वाले अधिकांश औजार वर्षों पुराने हो चुके हैं। जर्जर उपकरणों की किट से ही काम चलाया जा रहा है, जिससे कार्य करने में कठिनाई आती है। कई बार पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं होने से प्रक्रिया में देरी भी होती है। कर्मचारियों का कहना है कि आधुनिक और पर्याप्त संसाधन नहीं होने से कार्य जोखिम भरा और असुविधाजनक हो जाता है।
मर्चुरी भवन की हालात भी खस्ता हाल
मर्चुरी भवन पहले से ही जर्जर स्थिति में बताया जा रहा है और अब उपकरणों की कमी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। नियमों के अनुसार पोस्टमार्टम के लिए कटर, ब्लेड, छैनी, हथौड़ी, बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण हेतु ट्रॉली, लाइनर्स, नीडल कटर सहित अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध होना जरूरी है, लेकिन जिला अस्पताल की मर्चुरी में ये संसाधन पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं हैं। इससे पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों को बार-बार कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों और कर्मचारियों द्वारा कई बार नए उपकरण उपलब्ध कराने की मांग अस्पताल प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। उपकरणों की कमी के बावजूद कर्मचारियों को सीमित संसाधनों में ही काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा पोस्टमार्टम
जिला अस्पताल की मर्चुरी पर जिले का सबसे अधिक दबाव रहता है। जिला मुख्यालय सहित आसपास के थानों से आने वाले मामलों में पोस्टमार्टम यहीं किया जाता है। अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु, सड़क दुर्घटनाएं, जहरीला पदार्थ सेवन, हत्या और अन्य संदिग्ध मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम इसी केंद्र पर किया जाता है।
मामलों की संख्या अधिक होने के बावजूद संसाधनों की कमी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार स्थिति से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
कर्मचारियों और आम नागरिकों का कहना है कि पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील और कानूनी प्रक्रिया के लिए आधुनिक उपकरण और सुरक्षित कार्य व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। समय रहते संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो भविष्य में कार्य प्रभावित होने के साथ गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
इस संबंध में जानकारी के लिए सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे के मोबाईल नं. 9425636311 पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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