Beginning of Summer : गर्मी की शुरुआत: आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं

एक बड़ा फायर वाहन खराब, इंदौर की घटना से भी नहीं ले रहे सबक

Beginning of Summer : बैतूल। गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में आगजनी की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। ऐसे समय में नगर पालिका की फायर ब्रिगेड व्यवस्था खुद संसाधनों की कमी से जूझ रही है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। हाल ही में इंदौर में हुई भीषण आगजनी की घटना, जिसमें आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस घटना से सबक लेते हुए बैतूल नगर पालिका को भी अपनी अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका के पास तीन बड़े दमकल वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से एक वाहन लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है। वर्तमान में दो बड़े और एक छोटा फायर वाहन ही चालू स्थिति में हैं। शहर के बढ़ते विस्तार और जनसंख्या को देखते हुए यह व्यवस्था अपर्याप्त मानी जा रही है। यदि शहर में किसी बहुमंजिला भवन या घनी आबादी वाले क्षेत्र में बड़ी आगजनी की घटना होती है, तो सीमित संसाधनों के कारण समय पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है। फायर ब्रिगेड में कुल 16 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो अलग-अलग शिफ्ट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एक वाहन पर सामान्यत: एक चालक और दो फायरमैन तैनात रहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि शहर के क्षेत्रफल और जोखिम के स्तर को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता है। पर्याप्त मानव संसाधन नहीं होने से आपातकालीन परिस्थितियों में दबाव बढ़ जाता है।

कर्मचारियों के पास संसाधनों की कमी

सिर्फ वाहनों की ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और बचाव उपकरणों की भी कमी सामने आ रही है। किसी भवन की तीसरी या चौथी मंजिल पर आग लगने की स्थिति में ऊपरी मंजिल तक पहुंचने के लिए आधुनिक हाइड्रोलिक सीढ़ी या प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं है। कर्मचारियों को साधारण सीढ़ियों के सहारे ही ऊपर पहुंचना पड़ता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। जहरीले धुएं से बचाव के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क तो मौजूद हैं, लेकिन उनकी संख्या पर्याप्त नहीं बताई जा रही है। आंखों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी ग्लास, उन्नत मास्क, रेस्क्यू उपकरण, हाइड्रोलिक कटर, सीट बेल्ट और प्राथमिक चिकित्सा किट जैसी आवश्यक सामग्री भी सीमित मात्रा में है। पेट्रोल-डीजल या रसायनों से लगी आग पर नियंत्रण के लिए विशेष केमिकल फोम की भी जरूरत महसूस की जा रही है।

फायर बिग्रेड पर प्रतिदिन आते फर्जी कॉल

फायर कर्मचारियों के सामने एक और बड़ी समस्या फर्जी कॉल की है। आग लगने की सूचना देने के लिए जारी आपातकालीन नंबर 101 पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में फर्जी कॉल आते हैं। कर्मचारियों के अनुसार कई लोग मजाक या अनावश्यक रूप से कॉल कर लाइन व्यस्त रखते हैं, जिससे वास्तविक आपातकालीन कॉल समय पर नहीं लग पाते। कई बार कॉल करने वाले अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं, जिससे कर्मचारियों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

गलियों में दमकल गाड़ी जाने में होती है परेशानी

शहर की संकरी गलियां भी अग्निशमन कार्य में बड़ी बाधा बन रही हैं। कई पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दमकल वाहन पहुंच ही नहीं पाते। ऐसी स्थिति में आग तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है और नुकसान अधिक हो सकता है। कई घटनाओं में देखा गया है कि वाहन देर से पहुंचने के कारण आग पर नियंत्रण करने में अधिक समय लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती शहरी आबादी और बहुमंजिला इमारतों के दौर में अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और बेहतर योजना के साथ मजबूत करना समय की मांग है। नगर पालिका यदि समय रहते खराब फायर वाहन को सुधारने, नए उपकरण खरीदने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम उठाती है, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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