Betul News: बैतूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य के सिर में थी ‘तीसरी आंख’

एम्स दिल्ली डॉक्टरों ने नागपुर में किया देश का दुर्लभ ऑपरेशन, मेडिकल जनरल में प्रकाशित होगी कहानी

Betul News: बैतूल। आम तौर पर इंसान की दो आंखें होती हैं, लेकिन बैतूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य अनिल जोगे के मामले ने चिकित्सा जगत को चौंका दिया। 72 वर्षीय जोगे की एक आंख के भीतर ऐसी तीसरी आंख मौजूद थी, जो बाहर से दिखाई नहीं देती थी, लेकिन मेडिकल जांच में उसके स्पष्ट संकेत मिले। इस रहस्यमय और दुर्लभ समस्या का एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने एम्स नागपुर आकर नि:शुल्क ऑपरेशन किया। इसे डॉक्टर देश के अत्यंत रेयर मामलों में से एक मान रहे हैं।

जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त प्राचार्य जोगे को लंबे समय से सिर और आंख में असामान्य दर्द और दबाव जैसी शिकायतें थीं। प्रारंभिक इलाज के बाद जब एम्स दिल्ली में अत्याधुनिक जांच कराई गई, तब डॉक्टरों को उनके सिर में एक असामान्य विकसित संरचना (तीसरी आंख जैसी रचना) होने के संकेत मिले। यह संरचना सामान्य आंख की तरह बाहर नहीं थी, बल्कि अंदरूनी रूप से विकसित थी, जिस कारण इसे आम भाषा में ‘तीसरी आंख’ कहा जा रहा है।

एम्स नागपुर में सफल और नि:शुल्क ऑपरेशन

बताया जाता है कि जोगे ने अपनी समस्या को एम्स दिल्ली जाकर डाक्टरों से परामर्श लिया था। हालांकि उन्हें इस तरह का दर्द नहीं था, लेकिन डाक्टरों के मुताबिक जो तीसरी आंख है वह शुरुआती दौर में थी। यदि इसका आपरेशन नहीं किया जाता तो भी किसी तरह की परेशानी नहीं थी, लेकिन भविष्य की परेशानियों को देखते हुए 72 वर्षीय प्राचार्य जोगे ने ‘तीसरी आंख’ का आपरेशन करने का निर्णय परिजनों से चर्चा के बाद लिया। बताया जाता है कि एम्स दिल्ली के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 17 दिसंबर को नागपुर एम्स पहुंची और इसी दिन उनकी ‘तीसरी आंख’ का सफल आपरेशन को अंजाम दिया। खास बात यह रही कि यह ऑपरेशन पूरी तरह नि:शुल्क किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसा केस उनके करियर में भी बहुत कम देखने को मिलता है।

मेडिकल जर्नल में प्रकाशित होगी कहानी

चूंकि मानव शरीर में दो ही आंखें होती है, लेकिन पूर्व प्राचार्य जोगे की आंख के अंदर एक गाठ ने ‘तीसरी आंख’ का रूप ले लिया था। एम्स प्रशासन और डॉक्टरों की टीम का मानना है कि यह केस मेडिकल साइंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि इस ऑपरेशन और पूरी चिकित्सा प्रक्रिया की कहानी एम्स की आधिकारिक मेडिकल मैग्जीन में जल्द प्रकाशित करने की तैयारियां की जा रही है, ताकि देश-विदेश के डॉक्टरों को इस दुर्लभ अनुभव से सीखने का अवसर मिल सके।

सेवानिवृत्ति के बाद नागपुर, फिलहाल बैतूल में

सेवानिवृत्ति के बाद अनिल जोगे नागपुर में निवास कर रहे हैं, लेकिन इन दिनों वे बैतूल में हैं। उन्होंने सांझवीर टाईम्स से चर्चा में कहा कि वे फिलहाल सामान्य प्रक्रिया में रह रहे हैं। डॉक्टरों की दी हुई सलाह के अनुसार दवाइयां लेने के साथ नियमित अंतराल में एम्स नागपुर में जाकर जांच करवा रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह पर वे अधिकांश समय घर में ही रहते हैं।

उनके इस अनोखे ऑपरेशन की खबर फैलते ही इलाके में जिज्ञासा और कौतूहल का माहौल बन गया है। तीसरी आंख जैसे शब्द ने आम लोगों की कल्पना को और भी रोमांचक बना दिया है। कोई इसे चमत्कार मान रहा है तो कोई मेडिकल साइंस की बड़ी उपलब्धि। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला अंधविश्वास नहीं, बल्कि मानव शरीर की जटिल संरचना और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की सफलता का उदाहरण है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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