Betul Samachar: मंडी में तत्काल भुगतान का नियम सिर्फ कागजों तक सीमित

हम्माली, तुलाई में भी किसानों से की जा रही वसूली, खत्म नहीं हो रहा किसानों का शोषण

Betul Samachar: बैतूल। मंडी में किसानों को उनकी उपज का भुगतान तुरंत किए जाने का सरकारी नियम जमीनी हकीकत में पूरी तरह हवा में नजर आ रहा है। हालत यह है कि फसल बेचने के बाद किसानों को एक सप्ताह से लेकर दस दिन तक भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है और उन्हें मजबूरी में उधार या कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है। इधर किसानों का शोषण करने में हम्माल और तुलावटी भी पीछे नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि किसानों की फसल ढोने वाले हम्मालों और तुलावटियों द्वारा किसानों से बिना किसी ख़ौफ के सरेआम 500 से हजार रुपए की वसूली आम बात हो चुकी है।

पर्ची लेकर घूमते किसान को सप्ताह भर बाद मिल रहा भुगतान

मंडी में व्यवस्था यह है कि जैसे ही किसान अपनी फसल की बिक्री करता है, उसे पर्ची थमा दी जाती है। पर्ची मिलने के बाद किसान यह उम्मीद करता है कि जल्द ही उसके खाते में राशि जमा हो जाएगी, लेकिन वास्तविकता इससे उलट है। भुगतान प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है, इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि मंडी परिसर में हम्मालों द्वारा खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है।

आरोप है कि प्रति किसान 500 से लेकर 1000 रुपए तक की मांग की जा रही है। कई किसान मजबूरी में यह राशि दे भी रहे हैं, क्योंकि बिना पैसे दिए उनकी फसल तुलाई और उठान में अड़चन डाली जाती है। इस अवैध वसूली पर मंडी प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।

किसानों के लिए बनाए नियम, फाइलों में दफन

किसानों का कहना है कि तत्काल भुगतान का नियम होने के बावजूद न तो व्यापारी इसका पालन कर रहे हैं और न ही मंडी समिति सख्ती दिखा रही है। शासन स्तर पर बनाए गए नियम और निर्देश सिर्फ फाइलों में सीमित रह गए हैं, जबकि किसान रोजाना शोषण का सामना कर रहा है। किसानों ने मांग की है कि भुगतान में देरी करने वाले व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जाए और भुगतान सीधे ऑनलाइन माध्यम से तय समय में कराया जाए।

साथ ही मंडी में तैनात कर्मचारियों और हम्मालों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसानों का भरोसा मंडी व्यवस्था से पूरी तरह उठ सकता है। जरूरत इस बात की है कि मंडी प्रशासन भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी बनाए और समयसीमा तय कर उसका सख्ती से पालन कराए। साथ ही हम्मालों की अवैध वसूली पर तुरंत कार्रवाई हो, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा और समय पर लाभ मिल सके।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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