Betul Swadeshi Mela : स्वदेशी मेले में विदेशी सामान की धूम
स्वदेशी के नाम पर औपचारिकता, ग्राहक ठगा महसूस कर रहे

Betul Swadeshi Mela : बैतूल। पुलिस ग्राउंड में लगे स्वदेशी मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना बताया गया है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। मेले में स्वदेशी उत्पादों के साथ-साथ विदेशी सामान की भरमार है। दुकानदारों द्वारा आकर्षक ऑफर और डिस्प्ले के जरिए ग्राहकों को लुभाने की पूरी कोशिश हो रही है, मगर स्वदेशी की पहचान कहीं खोती दिख रही है।
मेले में सबसे ज्यादा भीड़ कपड़ों की सेल वाली दुकानों पर उमड़ रही है। इनमें से कई दुकानों पर उपलब्ध उत्पाद आयातित लगते हैं, जबकि दावा स्वदेशी का किया जा रहा है। बच्चों के खिलौनों में भी चाइनीज उत्पाद प्रमुख रूप से बिकते दिख रहे हैं, जो स्वदेशी अभियान की भावना पर सीधा सवाल खड़ा करते हैं।

स्वदेशी मेले में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की भी अनेक दुकानें लगी हैं। यहां विभिन्न रोगों से निजात दिलाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। शरीर की कमजोरी, शुगर, बीपी, मोटापा, बाल झड़ना जैसी समस्याओं के लिए जड़ से खत्म करने वाला उपचार बताकर ग्राहकों से ऊंची कीमत वसूली जा रही है। कई खरीदारों ने शिकायत की है कि उत्पाद लेने के बाद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि वे अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

ग्राहकों का कहना है कि यदि यह स्वदेशी मेला है, तो विदेशी उत्पादों पर रोक क्यों नहीं? वहीं जड़ी-बूटी बेचने वाले दुकानदारों के दावों पर भी निगरानी की मांग उठ रही है। लोगों का मानना है कि बिना किसी प्रमाण और जानकारी के स्वास्थ्य संबंधी दावे करना भ्रामक है और इससे लोगों की जेब पर चोट पड़ रही है।

स्वदेशी की भावना को मजबूत करने के नाम पर लगा यह मेला व्यापारियों के लिए कमाई का साधन और ग्राहकों के लिए असमंजस बन गया है। अगर व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो स्वदेशी अभियान की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हो सकते हैं।




