Betul News: मेंढा, गढ़ा घोघरी जलाशय के काम मे देरी, ठेकेदारों पर होगी कार्यवाही

793 ग्रामों में पेयजल प्रबंधन के लिए बनेगी कार्ययोजना, विधायकों ने दिए 545 ग्रामों में प्रगतिरत समूह योजनाओं को पूर्ण करने के निर्देश
जिले बिजली व्यवस्था के लिए स्थापित होंगे 9 नए सब स्टेशन
Betul News: बैतूल। जिले के गांव – गांव तक नियमित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधायक हेमंत खंडेलवाल का फोकस ग्रामीण इलाकों के पेयजल प्रबंधन पर है । बैतूल जिले के 545 ग्रामों में नियमित पेयजल की उपलब्धता के लिए खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से लगभग 806 करोड़ रुपए की चार समूह जलप्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं। खंडेलवाल की चिंता जिले के उन 793 ग्रामों की है, जहां पीएचई एवं ग्राम पंचायत द्वारा नल जल योजनाएं संचालित की जा रही है। भू जल स्तर में लगातार आ रही गिरावट से आगामी 25 – 30 वर्षों में इन 793 ग्रामों में संभावित पेयजल समस्या के स्थाई निराकरण के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

भोपाल में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बैतूल जिले के 793 ग्रामों में पेयजल प्रबंधन को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को मध्य प्रदेश की पीएचई मंत्री श्रीमती संपतिया उईके एवं एसीएस पी.नरहरि ने खासी गंभीरता से लेकर सुझाव के मुताबिक कार्य योजना बनाने के निर्देश विभाग के अफसरों, इंजीनियरों को दिए। बैठक में भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख ,आमला विधायक डॉ योगेश पांडाग्रे, घोड़ाडोंगरी विधायक गंगाबाई उइके ,जल निगम के एमडी केवीएस चौधरी, पीएचई के प्रमुख अभियंता संजय अंधवान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पेयजल प्रबंधन के लिए बनाएं क्लस्टर आधारित योजनाएं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक में अवगत कराया कि जिले में 545 ग्रामों में पेयजल के लिए लगभग 806 करोड़ रुपए की लागत से गढ़ा , मेंढ़ा, घोघरी, वर्धा समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत है। जबकि अन्य लगभग 793 ग्रामों में पीएचई एवं ग्राम पंचायत द्वारा नलजल योजनाओं ,ट्यूबवेल, स्पॉट सप्लाई के माध्यम से पेयजल प्रबंधन किया जा रहा है ।
खंडेलवाल ने कहा कि पानी के लगातार दोहन से भूजल स्तर 600 से 1000 फीट तक पहुंच गया है। आगामी वर्षों में भूजल स्तर में और अधिक गिरावट होने से समूह जल प्रदाय योजनाओं से छूट लगभग 793 ग्रामों में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित हो सकती है। खंडेलवाल ने इन 793 ग्रामों में पेयजल प्रबंधन के लिए सुझाव दिया कि पूरे जिले को समूह जलप्रदाय योजनाओं से कवर करने के लिए नदियों पर वाटर बॉडी की श्रृंखला का निर्माण कर जल स्रोत डेवलप किए जाएं तथा 50 से 100 ग्रामों की क्लस्टर आधारित समूह जलप्रदाय योजनाएं बनाई जाए। इसके लिए पीएचई ,जल निगम एवं पंचायत संस्थाएं समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
धीमी गति पर जताई नाराजगी, ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
जिले में प्रगतिरत मेंढ़ा , गढ़ा, घोघरी समूह जलप्रदाय योजना की धीमी गति पर बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य विधायकों ने नाराजगी जाहिर की । खंडेलवाल ने कहा कि उक्त तीनों समूह जलप्रदाय योजनाओं को वर्ष 2024 में पूर्ण होना था, बाद में इसकी अवधि मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से प्रगति असंतोषजनक है और परियोजना 2 वर्ष पीछे चल रही है। इससे ग्रामीणों को पेयजल उपलब्धता में देरी हो रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नाराजगी को गंभीरता से लेकर पीएचई मंत्री संपतिया उईके और एसीएस पी नरहरि ने उक्त तीनों परियोजनाओं के ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अफसर को दिए साथ ही अफसर को निर्देशित किया कि उक्त तीनों परियोजनाओं का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करवाया जाए, इससे ग्रामीणों को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
विद्युत व्यवस्था में भी होगा बड़ा सुधार
पीएचई विभाग के बाद खंडेलवाल ने सभी विधायकों के साथ बैतूल के सभी बिजली कंपनी अधिकारियों की बैठक ली। बैतूल में जिले की विद्युत संबंधित समस्याओं पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने वन बाधा की गाईड लाईन में आवश्यक संशोधन और 5 वर्षों के लिए विद्युत मांग को दृष्टिगत रखते हुए जिले में 9 नए उपकेन्द्र खोलने के भी निर्देश दिए। रबी के सीजन में 10 घंटे सतत् विद्युत प्रदाय करने और खराब ट्रांसफार्मरों को बदलकर नए लगाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिले के सभी विधायकों के अलावा कंपनी के महाप्रबंधक भूपेन्द्र सिंह बघेल और अन्य अधिकारी मौजूद थे।




