Betul News: पेशेवर के बजाय रैन बसेरा के मजदूरों से कराया जा रहा ड्रेनेज का काम

नाली खोदकर एक, और डस्ट डालकर दूसरा रास्ता भी किया बन्द
Betul News: बैतूल। कोतवाली रोड पर ड्रेनेज बनाये जाने का कार्य हर दिन नई शिकायतों और तमाशो के साथ चर्चा में बना हुआ है। ताज़ा मामला इस बार रैन बसेरा के मजदूरों से ड्रेनेज कार्य करवाए जाने का है, जबकि ठेके की शर्तों के अनुसार प्रशिक्षित लेबर और योग्य कार्यदलों द्वारा कार्य कराया जाना अनिवार्य है। रैन बसेरा में ठहरने वाले मजदूरों का काम दैनिक श्रम प्राप्त करना होता है, लेकिन ठेकेदार द्वारा इन्हीं मजदूरों को ड्रेनेज और खुदाई के काम में झोंक दिया गया है, जिससे श्रमिकों के साथ शोषण की स्थिति बन रही है।

आने जाने के दो रास्ते बंद, लोगों का जीना मुहाल
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि ड्रेनेज के लिए नाली खोदकर एक तरफ का रास्ता पहले ही बंद कर दिया गया था और आश्वासन दिया गया था कि लोगों की आवाजाही के लिए दूसरा रास्ता सुचारू रखा जाएगा, लेकिन इसके विपरीत दूसरी ओर डस्ट डालकर वह रास्ता भी पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिसके चलते लोगों को घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर और बाजार के लिए निकले लोगों को लंबे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बुजुर्ग और मरीज इस अव्यवस्था से सबसे अधिक परेशान हैं।
सड़क पर पड़े बोल्डर , बुजुर्ग भी घरों में कैद
उधर, कार्यस्थल पर न तो मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और न ही निर्माण स्थल पर संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं, घरों के सामने खुदे गड्ढों के चलते बुजुर्ग घरों में ही कैद होकर रह गए हैं।ठेकेदार ने सड़क पर ही गिट्टी, बोल्डर लाकर डाल दिये हैं। जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। लोगों का सवाल है कि जब करोड़ों के ठेके दिए जा रहे हैं, तो फिर पेशेवर मजदूरों की बजाय रैन बसेरा में रहने वाले गरीबों से काम क्यों कराया जा रहा है? स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मार्ग को खोलकर वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए तथा ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए श्रम शोषण पर रोक लगाई जाए। इधर प्रशासन की चुप्पी से भी लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है और लोग समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।




