Betul News: Video: वेंडरों को असली बता रही आरपीएफ, प्लेटफार्म पर बिक रही अंडा बिरयानी!

गलत जानकारी देकर नागपुर के अधिकारियों को कर रहे भ्रमित, प्लेटफार्म-ट्रेनों में अवैध वेंडर इंडस्ट्रीज कैसे चल रही?

Betul News: बैतूल। बैतूल रेलवे स्टेशन पर इन दिनों अवैध वेंडर का कारोबार खुलेआम चल रहा है। ट्रेनों के साथ-साथ प्लेटफार्म पर भी बिना अनुमति खाने-पीने की वस्तुएं धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। हालात यह हैं कि स्टेशन परिसर में फलों के स्टॉल के पास ही अंडा बिरयानी खुलेआम बेची जा रही है। बताया जा रहा है कि अवैध वेंडर बाहर से भोजन के पैकेट लाकर ट्रेनों और प्लेटफार्म पर बेच रहे हैं। मामला उजागर होने के बाद अब रेलवे के उच्च अधिकारी जांच का भी आश्वासन दे रहे हैं।

रेलवे सूत्रों के अनुसार नियमों के तहत फ्रूट स्टॉल या उसके आसपास नॉनवेज आइटम जैसे अंडा बिरयानी की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित है। बावजूद इसके यह सबकुछ बिक रहा है। सांझवीर टाईम्स के पास मौजूद वीडियो में वेंडर न केवल अंडा बिरयानी बेचते नजर आ रहे हैं, बल्कि फ्रूट स्टॉल के पास रखे बड़े बॉक्स में बिरयानी पैक भी दिखाई दे रही है। इस पर सवाल उठाने पर आरपीएफ अधिकारी जवाब देने से बचते खुद को पाक-साफ बताने की कोशिश करते दिखे।

ना पहचान पत्र, ना अनुमति नीली,लाल टी-शर्ट कर रही गुमराह

सूत्र बताते हैं कि जब भी कार्रवाई की मांग उठती ह। आरपीएफ संबंधित वेंडरों को अधिकृत बताकर मामला दबा देती है, लेकिन यह कोई नहीं बता रहा कि प्लेटफार्म पर बिरयानी और नॉनवेज फूड बेचने की अनुमति आखिर रेलवे के किस अधिकारी से ली गई है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे के नियमों के अनुसार केवल अधिकृत वेंडर ही निर्धारित यूनिफॉर्म, पहचान पत्र और रेट लिस्ट के साथ ट्रेनों और प्लेटफार्म पर खाद्य सामग्री की बिक्री कर सकते हैं। जबकि स्टेशन और ट्रेनों में घूमने वाले अधिकांश वेंडरों के पास न तो पहचान पत्र हैं और न ही वैध अनुमति के दस्तावेज। प्लेटफार्म पर नीली लाल टी-शर्ट में घूमने वाले ये वेंडर असली हैं या नकली, इसका अंदाजा लगाना यात्रियों के लिए भी मुश्किल और खतरनाक है। यदि खाद्य सामग्री के सेवन से किसी यात्री की सेहत पर असर पड़ता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा, इसका जवाब आरपीएफ को देना चाहिए।

ओवर चार्जिंग और विवाद का कारण बन रहे अवैध वेंडर

जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में पांढुर्ना से घोड़ाडोंगरी के बीच अवैध वेंडरों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है। यात्रियों के मुताबिक ट्रेन में उन्हें कई बार घटिया और दूषित भोजन लेना पड़ता है। कई बार ओवरचार्जिंग को लेकर विवाद तक की नौबत आ जाती है। बावजूद इसके कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जाता है।

खुद अधिकारी ही बन रहे रेलवे की बदनामी की वजह

यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाला यह अवैध कारोबार रेलवे प्रशासन की साख पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। ज़रूरत है कि रेलवे अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और स्पष्ट करें कि किसकी अनुमति से स्टेशन व ट्रेनों में ऐसे खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अवैध कारोबार यूं ही फलती-फूलती रहेगी।

इनका कहना…..

स्टेशन पर यदि नियम विरुद्ध वेंडर काम कर रहे हैं। तो इसकी जांच कराई जाएगी, इस संबंध में लोकल अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।

जीएस जनबन्धु, पीआरओ, नागपुर डिविजन

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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