Betul Samachar: भीमपुर तहसीलदार के वाहन से अवैध वसूली का खेल!
Betul Samachar: Game of illegal recovery from Bhimpur Tehsildar's vehicle!

कोटवार कर रहा था वसूली, पीड़ित डंपर चालक ने की निष्पक्ष जांच की मांग, कमिश्नर से शिकायत
Betul Samachar: भीमपुर। भीमपुर के प्रभारी तहसीलदार बसंत बरखानिया के अनुबंधित वाहन का इस्तेमाल अवैध वसूली के लिए किए जाने का बड़ा मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि तहसीलदार के अधीनस्थ कर्मचारी और गांव कोटवार इस वाहन का उपयोग रात के समय ट्रैक्टर-ट्राली और डंपरों को रोककर अवैध रकम वसूलने में कर रहे हैं। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। हालांकि इस संबंध में शिकायत नहीं हुई, लेकिन हाल ही में एक डंपर चालक से ली गई राशि और 80 हजार लिए जाने के बाद मामला का खुलासा हो गया। मामले में कलेक्टर और कमिश्रर को भी शिकायत की गई है।
बुधवार की रात चांदू गांव के पास राजस्व विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने डंपर चालक राहुल पाटणकर ग्राम पलस्या निवासी को रोका। पीड़ित चालक का आरोप है कि तीन वर्दीधारी व्यक्ति तहसीलदार के वाहन क्रमांक एमपी 13 – जेड यू- 4593 से आए थे। उन्होंने पहले उसकी पिटाई की, गालियां दीं और डंपर से 80 हजार नकद ले लिए।
इसके अलावा, उसके साथी से अधिकारी का नाम लेकर 20 -20 हजार फोन-पे के जरिए वसूले गए। जब वाहन मालिक को पता चला कि इस वसूली में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था और केवल गांव कोटवार एवं ड्राइवर ही अधिकारी के नाम का उपयोग कर रहे थे, तो मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। जानकारी मिलते ही तत्काल 20 हजार की राशि वापस कर दी गई।
सूत्रों के अनुसार, चांदू ताप्ती नदी किनारे पिछले 10-12 दिनों से तहसीलदार के अनुबंधित वाहन का उपयोग कर ट्रैक्टर-ट्राली और डंपरों को रोका जा रहा है। राजसात कार्रवाई का हवाला देकर संबंधित लोगों पर दबाव बनाया जाता है और अवैध वसूली की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना अधिकारियों की सहमति के यह खेल संभव नहीं है।

जांच की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जय संगठन ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए नर्मदापुरम कमिश्नर गोपालकृष्ण तिवारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही आरोपी गांव कोटवार, वाहन चालक एवं संबंधित कर्मचारियों पर विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करते हुए तत्काल हटाने की मांग उठाई गई है। अब देखने वाली बात यह है कि इस वसूली कांड में अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं या उनकी शह पर यह खेल चल रहा है। हर हाल में मामला गंभीर है और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
वाहन मेंं तहसीलदार के होने की भी खबर
तहसीलदार के वाहन से कोटवार द्वारा डंपरों से अवैध राशि वसूलने का मामला तूल पकड़ गया है। आरोप लग रहे हैं कि जिस समय डंपर चालक राहुल पाटनकर के साथ 80 हजार रुपए नकद ले लिए गए और 20-20 हजार यूपीआई से ट्रांसफर करवाए, इस दौरान भीमपुर तहसीलदार भी वाहन में मौजूद थे। चूंकि डंपर चालक तहसीलदार को जानता नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि उसके सामने यदि संबंधितों को खड़ा किया जाए तो पहचान जाएगा।
सरकारी वाहन से जिस तरह आदिवासी अंचल भीमपुर में अवैध वसूली हो रही है, इसके बाद पूरा प्रशासनिक अमला कटघरे में आ खड़ा हुआ है। चूंकि लेनदेन का स्क्रीन शॉट भी वायरल हुआ है। इससे स्पष्ट हो गया है कि सरकारी वाहन से डंपर चालक से राशि ली गईहै। मामले में कमिश्रर और कलेक्टर से शिकायत के बाद नया पेंच आ सकता है। इस संबंध में भीमपुर के प्रभारी तहसीलदार बसंत बरखानिया को उनके मोबाइल 9329334106 पर कई बार काल किया, लेकिन उन्होंने रीसिव नहीं किया।
इनका कहना..
ड्राइवर को रोककर तहसीलदार के वाहन में सवार कोटवार और अन्य लोगों ने स्टोन क्रेशर की 80 हजार रुपए की राशि छिन ली। इसके बाद 20-20 हजार डंपर चालक के साथी द्वारा फोन पे पर डाली गई।
सुरेंद्र यादव, वाहन मालिक




