Betul News: मस्जिद की अनुमति पर बना लिया कमर्शिलय काम्प्लेक्स
Betul News: Commercial complex built with permission from mosque

दो बार नोटिस के बाद भी काम बंद नहीं हुआ, शिकायत के बाद नींद से जागे नपा के अफसर
Betul News: बैतूल। नगरपालिका की लोक निर्माण शाखा में भारी भरकम अमला होने के बावजूद कई अवैध निर्माण कार्यों पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। आवासीय और अन्य भवन की अनुमति लेकर पूरे शहर में धड़ल्ले से कमर्शिलय काम्प्लेक्स और बेसमेंट का निर्माण जारी है। इसके बावजूद नपा के अफसर आंखें बंद कर केवल तमाशा देख रहे हैं।
ताजा मामला गंज में निर्माणाधीन मस्जिद का सामने आया है, यहां पिछले तीन वर्षों से मस्जिद की अनुमति लेकर निर्माण कार्य चल रहा है और परिसर के आसपास कमर्शिलय दुकानें बना ली गई। जब किसी की शिकायत नपा के पास पहुंची तो पिछले डेढ़ वर्षों से नपा के अधिकारियों ने नोटिस-नोटिस खेलते हुए कमर्शिलय दुकानें बनाने का मौका दे दिया। अब हालात यह है कि मस्जिद में दुकानें बनने के बाद नपा ने नोटिस जारी कर इसका काम रूकवा दिया।
शहर के दर्जनों स्थानों पर धड़ल्ले से आवासीय घर और अन्य के नाम कमर्शियल दुकानें और बेसमेंट बनाने का काम जारी है। पूर्व में सांझवीर टाईम्स ने इस मामले में नपा के अधिकारियों की आंखें खोली थी, लेकिन वर्षों से बैतूल नपा में टिके एई के जिम्मेदारी वाले इस काम में जमकर कोताही बरती गई है। लोक निर्माण शाखा में एई के कार्यक्षेत्र में भारी भरकम अमला है, जो शहर में निर्माण कार्यों के अलावा व्यवसायिक भवन की देखरेख करते आ रहा है, लेकिन पिछले कई वर्षों से स्थिति यह है कि नपा में लिपिक का कार्य देख रहे ऋषभ चढ़ोकार को अवैध निर्माण, कमर्शियल जैसे मामलों की शिकायत मिलती है, तब वे अपने अधिकारी एई नीरज धुर्वे से चर्चा कर संबंधितों को नोटिस जारी करते आ रहे हैं।
हालांकि कितने नोटिसों का जवाब आया, आज तक बता पाने में असमर्थ है। हालात यह है कि इस शाखा से भेजे गए नोटिस में महज पांच प्रतिशत लोग ही जवाब देकर इसे हल्के में ले रहे हैं। यह बात नपा के जिम्मेदारों के लिए मुंह चिढ़ाने से कम नहीं है।
गंज में मस्जिद में बन गई दुकान
नपा के लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली भवन शाखा की लापरवाही का एक और नमूना गंज में पुराने प्राइमरी स्कूल के सामने बनने वाली मस्जिद को देखकर लगाया जा सकता है। नपा की जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में मस्जिद निर्माण के लिए अनुमति दी गई थी। इसके बाद नगरपालिका के जिम्मेदारों ने कभी जाकर नहीं देखा कि क्या निर्माण कार्य चल रहा है? पिछले डेढ़ वर्षों से मस्जिद के सामने कमर्शियल दुकानें बना ली गई, तब भी नपा का ध्यान नहीं गया। इसके लिए मस्जिद कमेटी और इसके कर्ताधर्ताओं ने इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली। बताया जाता है कि मस्जिद में दुकानें बनने की शिकायत नपा के पास पहुंची तो हमेशा की तरह यहां नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन डेढ़ वर्षों में कोई जवाब नहीं मिला, बल्कि अधूरी दुकानों का काम धड़ल्ले से चलता रहा।
नोटिस नहीं लिया, फिर नपा ने रूकवाया काम
इधर नपा के जिम्मेदारों ने बताया कि डेढ़ वर्ष में तीन बार नोटिस देने के बावजूद मस्जिद प्रबंधन ने नपा को काफी हल्के में लिया। हाल ही में नपा ने एक और नोटिस मस्जिद कमेटी के सिद्दिक पटेल के नाम से जारी किया, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इंकार कर दिया। नपा के निर्माण शाखा के प्रभारी लिपिक ऋषभ चढ़ोकार ने बताया कि नपा के कर्मचारी ने फिर जाकर दोबारा सिद्धिक पटेल को नोटिस दिया। इसके बाद मस्जिद का काम रूकवा दिया गया है। बड़ा सवाल यह है कि मस्जिद निर्माण के नाम कमर्शियल दुकान डेढ़ वर्ष से बनती रही और नपा ने निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बाद नोटिस जारी किया, इसका औचित्य क्या निकलेगा। इस पर सवाल उठने लगे हैं।
इनका कहना……
मस्जिद में जो दुकानें बनी है। वह पहले से ही रिकार्ड में कमर्शियल है। जिस जगह मस्जिद बनी है, वह कमर्शियल नहीं है।
सिद्दिक पटेल, मस्जिद प्रमुख गंज




