Betul News: एलएफएस में छात्रों को टीका और कलेवा से रोकने पर बवाल
Betul News: Uproar in LFS over students being prevented from getting vaccination and refreshments

बजरंग दल-एनएसयूआई के विरोध के बाद प्राचार्य ने मांगी माफी, अपने हाथों से लगाया तिलक
Betul News: सारनी/पाथाखेड़ा। कोयलांचल नगरी पाथाखेड़ा स्थित एलएफएस हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को तब माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब स्कूल प्राचार्य द्वारा छात्रों को माथे पर टीका लगाने और हाथ में कलेवा बांधने से रोकने की बात सामने आई। यह खबर मिलते ही स्थानीय छात्र संगठन, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी स्कूल पहुंच गए और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर स्कूल की प्राचार्य ने खुद विद्यार्थियों को अपने हाथों से तिलक लगाया और पूरे प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया।
छात्र नेताओं के मुताबिक स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चों ने शिकायत की थी कि प्राचार्य द्वारा धार्मिक प्रतीकों को लेकर आपत्ति जताई गई। एनएसयूआई के छात्र नेता रोहन सिंह ठाकुर ने बताया कि यह बच्चों की आस्था और परंपराओं का अपमान है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता निशांत भंडारे, राकेश बारंगे, अंजनी सिंह, राणा प्रताप सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी स्कूल पहुंचकर विरोध जताया।

स्कूल का घेराव और हंगामा
जैसे ही यह खबर फैली, बड़ी संख्या में एनएसयूआई, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता के प्रतिनिधि स्कूल के बाहर जुट गए। भीड़ ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्राचार्य से तुरंत माफी मांगने की मांग की। बढ़ते दबाव को देखते हुए प्राचार्य ने आगे से ऐसी गलती न दोहराने का आश्वासन दिया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
पुलिस की तैनाती
मामला गर्माता देख स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी वंशज श्रीवास्तव बल के साथ मौके पर पहुंच गया और स्थिति पर नियंत्रण किया। भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक लौटे, लेकिन संगठनों ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधि होने पर और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विवाद के दौरान एक और मामला सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य कक्ष में महात्मा गांधी की प्रतिमा को अपमानजनक ढंग से टीवी के पीछे लगाया गया था। इस पर आपत्ति जताते हुए एनएसयूआई के रोहन सिंह ठाकुर ने प्रतिमा को निकालकर प्राचार्य की मेज पर सम्मानपूर्वक स्थापित किया। गौरतलब है कि इसके पहले कांवेंट स्कूलों में कलेवा और तिलक पर विवाद हो चुके हैं।




