Betul Ki Khabar: राजस्व-नपा के निरीक्षण में भी कालोनी अवैध?

नोटिस तामिली के 10 दिन बाद भी माचना नगर के कालोनाईजरों ने नहीं दिया जवाब
Betul Ki Khabar: बैतूल। शहर के लोहिया वार्ड स्थित माचना नदी किनारे तथाकथित अवैध कालोनी में नियम कायदे ताक पर रखकर प्लाट बेचने की सुगबुगाहट चल रही है। सांझवीर टाईम्स में इसे लेकर दो समाचार प्रकाशित करने के बाद राजस्व और नपा अमले में हडक़ंप मचा है। खबर है कि राजस्व विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर जमीन की नाप जोख की है, जबकि नगर पालिका ने नोटिस जारी कर कालोनी संचालक को 3 तीन के भीतर जवाब मांगा था, लेकिन आज तक जवाब नहीं दिया है।
इसीलिए संभावना अधिक दिखाई दे रही है कि इस अवैध कालोनी पर किसी भी समय प्रशासन का चाबूक चल सकता है। एसडीएम ने भी सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद इस अवैध कालोनी को लेकर दस्तावेज मांगे थे जो उन्हें सौंप दिए गए है।
सूत्रों ने बताया कि पुराने शंकर और वर्तमान लोहिया वार्ड में माचना नगर के आगे नदी पर तथाकथित कालोनाईजर ने नियम कायदे ताक पर रखकर कालोनी निर्माण शुरू किया था। यह काम कुछ माह से लगातार जारी है। क्षेत्र के लोगों ने अपने स्तर पर अवैध कालोनी निर्माण के अलावा माचना के अस्तित्व खतरे में देख शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद यह मामला सीधे मीडिया तक पहुंचा। सूत्र बताते है कि कालोनाईजर ने माचना नदी से सटे क्षेत्र में नियम कायदे ताक पर रखकर बाउंड्रीवॉल बना डाली। इसके बाद नदी के काफी हिस्से को समतल कर प्लाट बेचने की तैयारी पूरी की। सूत्रों ने बताया कि कुछ लोगों ने बयाना देकर प्लाट भी बुक कराए, लेकिन सांझवीर टाईम्स में अवैध कालोनी को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद राशि वापस ले ली है।
बताया यह भी जाता है कि कालोनाईजर में भी इस समय हडक़ंप मचा हुआ है, लेकिन जिस तरह नियमों को ताक पर रखकर कालोनाईजर ने यह माचना नदी के काफी हिस्से को कब्जे में लेकर बाउंड्रीवॉल बनाने के बाद प्लाटिंग का काम शुरू किया है। इसे कहीं ना कहीं बड़े राजनैतिक दबाव से जोडक़र देखा जा रहा है।
नपा का नोटिस, राजस्व का मुआयना
सूत्र बताते है कि अवैध कालोनी के लिए माचना का अस्तित्व खतरे में डालने पर नगर पालिका ने बीते दिनों कालोनाईजर को निरीक्षण के बाद नोटिस जारी किया है, नोटिस में तीन दिन के भीतर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी भी दी गई थी। तीन में अतिक्रमण हटाने पर खुद नपा द्वारा सख्ती से अतिक्रमण हटाने की बात कहीं गई थी।
भूमि स्वामि से भूमि संबंधित वैध दस्तावेज और बाउंड्रीवाल निर्माण की अनुमति की नकल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन 11 दिनों में भी उन्होंने जवाब नहीं दिया है। इसके बाद नपा किसी भी समय कालोनी पर कार्रवाई कर सकती है। दूसरी तरफ राजस्व विभाग ने भी राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की टीम के साथ माचना नगर में अवैध कालोनी का मौका निरीक्षण किया है।
सूत्र बताते है कि इस टीम को भी नियम विरूद्ध कॉलोनी बनाने की जानकारी मिली है। नदी से 15 मीटर दूरी पर बाउंड्रीवाल बनाने के नियमों को भी दरकिनार किया गया है। इसके लिए टीएनसीपी की अनुमति नहीं ली गई है। सूत्र बताते है कि दोनों विभाग अब कालोनाईजर पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहे है।
एसडीएम भी सख्त, दस्तावेज की जांच शुरू
इधर माचना नगर में अवैध कालोनी निर्माण को लेकर सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने भी काफी नाराजगी जताई है। उन्होंने सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद अवैध कालोनी के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा था।
एसडीएम ने सोमवार दस्तावेज का अवलोकन के बाद आरआई और पटवारियों को दोबारा मौके पर जाकर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। एसडीएम डॉ. सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कालोनाईजर पर सख्त कार्रवाई की जाएंगी।




