Betul News: जंगल की रखवाली छोड़ जुआरी बने वन रक्षक !
Betul News: Forest guards leave guarding the forest and become gamblers!

पुलिस कस चुकी शिकंजा, विभागीय अधिकारी काट रहे कन्नी
Betul News: बैतूल। वन विभाग की जिम्मेदारी जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की होती है, लेकिन जब खुद वन रक्षक ही अपनी ड्यूटी छोड़ जुआ खेलने में मशगूल हो जाएं तो यह स्थिति बेहद शर्मनाक हो जाती है। ऐसा ही मामला लगभग सप्ताह भर पहले भैसदेही वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में सामने आया है। यहां चार वन रक्षक जुआ खेलते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
जबकि सूत्रों के मुताबिक उस समय मौके पर करीब आठ कर्मचारी मौजूद थे और खुद परिक्षेत्र अधिकारी भी कार्यालय में मौजूद बताए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सभी कर्मचारी रात दस बजे अपनी-अपनी बीट चोरों और तस्करों के भरोसे छोड़कर मुख्यालय पर जुआ खेल रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि जंगल की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे है? हालांकि मुख्यवनसंरक्षक ने जांच के निर्देश दे दिए थे, लेकिन ना अभी तक जांच हो सकी है ना कार्यवाही। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर इन कर्मचारियो को इतनी छूट किसने दी? कैसे सभी कर्मचारी अपनी बीट छोड़कर मुख्यालय पर जमा हुए थे?
जंगलों को किसकी अनुमति से चोरों के भरोसे छोड़ा था? पुलिस ने इस मामले में तो त्वरित कार्रवाई करते हुए जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया, लेकिन वन विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यह स्थिति न केवल वन विभाग की छवि को धूमिल कर रही है, बल्कि जंगलों में बढ़ते अवैध शिकार और तस्करी के मामलों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हाल ही में बैतूल रेंज में साम्भर का शिकार ऐसी लापरवाही का जीता जागता नमूना बनकर सामने आ चुका है। जब वन रक्षक ही अपनी ड्यूटी से मुंह मोड़ लेंगे तो वन्य संपदा की रक्षा कैसे संभव होगी? अब देखना यह है कि विभाग अपने कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाता है या फिर मामला एक बार फिर फाइलों में दबा रह जाएगा।
इनका कहना….
डीएफओ को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। कर्मचारी बीट छोड़कर कार्यालय में क्या कर रहे थे, इसका जवाब रेंजर से लिया जाएगा।
वासु कनोजिया, मुख्यवनसंरक्षक वनवृत बैतूल




