Betul News: कमजोर वर्ग को कालोनी में प्लाट देने की योजना खटाई में

Betul News: The plan to give plots in the colony to the weaker section is in trouble

शासन के निर्देशों का बैतूल नपा में पालन नहीं, एई बोले- मामला कलेक्टर स्तर का

Betul News: बैतूल। गरीबों को शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए शासकीय नुमाइंदे कितने लापरवाह है, इसकी कई बार पोल खुल चुकी है। ताजा मामला कमजोर वर्ग के लिए कालोनियों में कम लागत पर प्लाट देने की योजना का अमल नहीं होने के बाद सामने आया है। नगरपालिका ने शासन की इस योजना में कितने लोगों को लाभ दिया, उनके अधिकारियों को ही नहीं पता है। उल्टा नपा के एई से जब इस संबंध में जानकारी चाही गई तो वे तपाक से बोल उठे कि यह कलेक्टर स्तर का मामला है। वास्तविकता यह है कि कमजोर आर्य वर्ग के लोगों को नपा ही कालोनियों में आवेदन आने पर कम लागत पर प्लाट उपलब्ध कराती है।

नगरीय क्षेत्र में विकास अनुमति प्राप्त कालोनियों में कमजोर वर्ग एवं निम्र आर्य वर्ग के गरीबों को भूखंड आरक्षित किए जाने का प्रावधान है। इस योजना में बंधक प्लाटों के अलावा कालोनाइजर को निम्र वर्ग के लोगों के लिए प्लाटों की संख्या के आधार पर जगह छोड़ना है, लेकिन बैतूल निकाय क्षेत्र में इसका कतई पालन नहीं हो रहा है। नियमानुसार नगरीय क्षेत्र में बनाई गई कालोनियों में निम्र वर्ग के आय वाले व्यक्तियों द्वारा प्लाट के लिए आवेदन दिए जाते हैं तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर यहां पर भूखंड उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है।

अलबत्ता बैतूल नगरपालिका में ऐसी कोई स्थिति दिखाई नहीं दे रही है, जिससे कमजोर और निम्र वर्ग के आय के व्यक्ति को इस योजना का लाभ मिल सके। नियम के अनुसार यदि कालोनी में कोई प्लाट गरीबों को लेना है तो उसे हर हाल में उपलब्ध कराना है।

यह शासन की गाइडलाइन

नगरीय क्षेत्र में कालोनाइजर द्वारा विकसित की जा रही आवासीय कालोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भूखंड/ भवनों को आरक्षित रखने एवं उपयुक्त हितग्राहियों को आवंटित करने के प्रावधान रखे गए थे। वर्ष 2022 में भी प्रचलित भूखंडों, भवनों को आरक्षित रखने एवं इनके विक्रय के लिए नीति निर्धारित की गई थी। निकाय क्षेत्र में नियमों के अंतर्गत भूखंड, भवनों को नियम के अनुसार पात्र हितग्राहियों को आवंटित किया जाना आवश्यक है। कालोनाइजर द्वारा विकसित की गई कालोनी में विकास के अधीन आरक्षित किए गए प्लाटों को कमजोर वर्ग के लिए दिया जाना सुनिश्चित किया गया था। इस संबंध में हाल ही में नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अपर आयुक्त ने भी समस्त निकायों के सीएमओ से कमजोर आय वर्ग के लिए आरक्षित किए गए भूखंड और भविष्य में अन्य हितग्राहियों को नियमों का लाभ देने के लिए कालोनीवार जानकारी मांगी है।

हमारे यहां कितने गरीबों को मिला लाभ, पता नहीं

चौकाने वाली बात यह है कि नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा अनुमति प्राप्त कालोनियों में निम्र आय वर्ग के लोगों को भूखंड कम लागत पर दिया जाने का प्रावधान है, लेकिन बैतूल नपा को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि इस योजना में नाममात्र के लोगों को ही कम लागत पर भूखंड उपलब्ध हो पाए हैं। जबकि निम्र आर्य वर्ग के लोगों को अपने क्षेत्र या शहर मेें बनने वाली कालोनियों में भूखंड मांगने पर कालोनाइजर को हर हाल में उलपब्ध कराना है। इस योजना का नपा ने भी प्रचार प्रसार नहीं किया, इसलिए गरीबों के नाम आवंटित प्लाटों को कालोनाइजरों ने बेच डाला। हालात यह है कि नपा के जिम्मेदारों को भी यह खबर नहीं है कि उनके निकायों में कितने लोगों को प्लाट उपलब्ध कराए हैं। वे अपना पल्ला कलेक्टर के ऊपर झाड़कर कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।

इनका कहना..

निम्र आर्य वर्ग के लोगों को अनुमति प्राप्त कालोनियों में प्लाट दिए जाने का प्रावधान है। कितने लोगों को इस योजना मेें प्लाट दिए, यह मैं नहीं बता सकता हूं। मामला कलेक्टर स्तर का है, इसलिए वहीं से जानकारी ली जा सकती है।

नीरज धुर्वे, एई नपा बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button