Betul Ki Khabar: ऊर्जा विभाग के पत्र से अमरकंटक प्लांट खटाई में, सारनी में संशय बरकरार

Betul Ki Khabar: Amarkantak plant in trouble due to letter from Energy Department, uncertainty persists in Sarni

अब टोरेंट पावर और अडानी ग्रुप लगाएंगे प्लांट

Betul Ki Khabar: सारनी(कालीदास चौरासे)। मध्य प्रदेश शासन ऊर्जा विभाग द्वारा जारी एक पत्र से अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की प्रस्तावित 660 मेगावाट की इकाई खटाई में पड़ती नजर आ रही है। दरअसल अब टोरेंट पावर और अदानी ग्रुप अनूपपुर में पावर प्लांट लगाएंगे। यहां पूर्व में एसईसीएल और मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा 660 मेगावाट क्षमता की सुपर क्रिटिकल इकाई स्थापित करने जॉइंट वेंचर बना था और निर्माण कार्य के लिए बकायादा टेंडर भी निकाल दिया गया। यह कार्य बीएचईएल को मिला था।

वहीं सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट में भी सुपर क्रिटिकल इकाई स्थापित करने टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई और यह कार्य भी बीएचईएल को मिला है। हालांकि अभी तक कार्य आदेश जारी नहीं हुआ है। इसी बीच 28 अगस्त 2025 को मध्य प्रदेश शासन ऊर्जा विभाग के विशेष कर्तव्यस्त अधिकारी व्हीके गौड़ द्वारा जारी आदेश से मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा प्रस्तावित 660 मेगावाट क्षमता की सुपर क्रिटिकल इकाई खटाई में पड़ गई है।

शासन के पत्र में यह लिखा

मंत्री परिषद आदेश दिनांक 28 मार्च 2023 में लिए गए निर्णय में आंशिक संशोधन करते हुए मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा प्रस्तावित 660 मेगावाट अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की स्थापना भारत सरकार के उपक्रम एसईसीएल के साथ एक संयुक्त उपक्रम के माध्यम से नहीं किए जाने एवं भविष्य में आवश्यकता होने व किसी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का प्रस्ताव प्राप्त होने पर एसईसीएल के साथ संयुक्त उपक्रम के माध्यम से कार्य करने पर नए सिरे से विचार करने हेतु राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय से कोयला मंत्रालय भारत सरकार को अवगत कराने के संबंध में मुख्यमंत्री जी के आदेश का अनुसमर्थन किया जाए।

सीएम शिवराज ने किया था शिलान्यास

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के दोनों पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 9 अगस्त 2023 को अनूपपुर, चचाई और 24 अगस्त 2023 को बैतूल के बगडोना में आयोजित कार्यक्रम में किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सुपरक्रिटिकल इकाई स्थापित करने भूमि पूजन करने से रोजगार की नई संभावनाएं क्षेत्र में आई थी। लेकिन अब अदानी ग्रुप और टोरेंट पावर को 800 और 1600 मेगावाट क्षमता के पावर प्रोजेक्ट मिले हैं।

पलायन कर गए हजारों परिवार

रोजगार की तलाश में हजारों परिवार ने औद्योगिक नगरी सारणी से पलायन कर लिया है। जिसके चलते बसा बसाया शहर उजड़ने लगा है। 2001 की जनगणना में नगर पालिका क्षेत्र सारणी में 98000 मतदाता थे जो 2011 की जनगणना में घटकर 84 हजार पर आ पहुंचे। जबकि विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या घटकर 55000 के आसपास आ पहुंची है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में कि तेजी से पलायन बढ़ रहा है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button