Betul Samachar: पेट्रोल सूंघकर नशे की गिरफ्त में आदिवासी छात्र!

Betul News: Tribal student gets intoxicated after smelling petrol!

आदिवासी बालक छात्रावास धार में छात्र के जलने के बाद नया मोड़, जांच में भी विरोधाभाष

Betul Samachar: बैतूल। पिछले दिनों जनजातीय कार्य विभाग के आदिवासी बालक छात्रावास धार में एक छात्र के बिस्तर में आग से जलने की घटना अब एक गंभीर और चिंताजनक मोड़ ले चुकी है। धार स्थित आदिवासी बालक छात्रावास में घटी इस घटना ने प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि जिस बिस्तर पर छात्र जला था, वहां से पेट्रोल की तेज गंध आ रही थी। पुलिस ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है। हालांकि मौके पर पेट्रोल बरामद नहीं हुआ, लेकिन इस गंध ने कई संदेहों को जन्म दे दिया है।

सूत्रों के मुताबिक छात्रावास के कुछ छात्र पेट्रोल सूंघकर नशे की लत में पड़ चुके हैं, यह तथ्य चर्चा में है और यह खतरनाक आदत इस हादसे का कारण भी हो सकती है। जिसकी यदि सूक्ष्मता से जांच की जाए तो वास्तविक कारण सामने आ सकते हैं। बताया यह भी जा रहा है कि, घटना के समय छात्रावास में ना चौकीदार मौजूद था और ना ही अधीक्षक। मतलब साफ है कि छात्रों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया था। हालांकि सांझवीर टाईम्स इसकी पुष्टि तो नहीं करता , लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए इसकी जांच जरूरी हो चुकी है।

बीईओ ने नकारा, पुलिस ने की पुष्टि

 दरअसल 18 अगस्त की रात छात्रावास में रह रहे 13 वर्षीय छात्र के बिस्तर में अचानक आग लग जाने से छात्र घायल हो गया था, लेकिन आग लगने की कोई ठोस वजह सामने नहीं आ पाई थी। कोई मच्छर अगरबत्ती से आग लगना बता रहा तो कोई अन्य कारण बता रहा था। इसी बीच चर्चा का बाजार भी गर्म हो गया और छात्रों के पेट्रोल सूंघ कर नशा करने की चर्चा चल पड़ी।मामले की तहकीकात शुरू की गई, इस बीच घटना की जांच कर रहे बीईओ जीआर बर्डे ने पेट्रोल से जुड़े किसी भी तथ्य को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कहा कि घटना का पेट्रोल से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन इस विरोधाभास ने मामले को और भी उलझा दिया है। मौके पर जांच करने तत्काल पहुंची पुलिस पेट्रोल की गंध की पुष्टि कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारी इसे मानने को तैयार नहीं हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि मामले को दबाने या कमजोर करने की कोशिश हो सकती है। जबकि छात्रों के हित मे इस तथ्य पर जनजातीय कार्य विभाग को गम्भीरता बरतना चाहिए।

आठ दिन पहले ही चौकीदार को हटाया

प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे में सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि घटना के समय छात्रावास में न तो चौकीदार मौजूद था और न ही अधीक्षक। छात्रों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया था। जानकारी मिली है कि आठ दिन पहले चौकीदार को इसलिए निकाल दिया गया था कि उसने किसी छात्र को गलती से थप्पड़ रसीद कर दिया। खुद अधीक्षक तक मौजूद नहीं थे। सुरक्षा और निगरानी की यह बड़ी लापरवाही ही इस तरह की घटना की मुख्य वजह है। यदि वहां जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद होते तो शायद इस गंभीर घटना को टाला जा सकता था।

छात्रों के बीच नशे की प्रवृत्ति गम्भीर संकेत

छात्रावास बच्चों के रहने और पढ़ाई का स्थान है, जहां उनके भविष्य को संवारने के लिए सुरक्षित माहौल जरूरी है, लेकिन इस घटना से साफ है कि छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। पेट्रोल सूंघने जैसी खतरनाक आदतें भी अगर छात्रों के बीच पनप रही हैं तो यह बेहद गंभीर संकेत है अब जरूरी है कि इस घटना की गहन जांच हो और सच सामने लाया जाए।

यदि वाकई छात्र पेट्रोल से नशा कर रहे थे तो इसकी रोकथाम के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। साथ ही, छात्रावासों की नियमित निगरानी, अधीक्षकों और चौकीदारों की जिम्मेदारी तय करना बेहद आवश्यक है। अन्यथा इस तरह की लापरवाहियां भविष्य में और भी बड़े हादसों को जन्म दे सकती हैं। यह मामला केवल एक छात्रावास की लापरवाही नहीं है, बल्कि पूरे तंत्र पर सवाल है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए सभी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना ही इस घटना से मिली सबसे बड़ी सीख हो सकती है।

इनका कहना….

19 अगस्त को घटना की जांच मेरे द्वारा की गई है। अगरबत्ती से बिस्तर जला था। पेट्रोल सूंघकर नशा करने या जलने जैसे कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं।

जीआर बर्डे, बीईओ शाहपुर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। बिस्तर से पेट्रोल की गंध तो आ रही थी, लेकिन पेट्रोल नहीं मिला था।

मुकेश ठाकुर, टीआई थाना शाहपुर

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button