Betul Samachar: खुलेआम रिश्वत लेते वीडियो वायरल, फिर भी अफसर सुरक्षित
Betul News: Video of openly taking bribe goes viral, yet the officer is safe

कार्रवाई शून्य, अब पीड़ित को मिल रहा लालच और धमकियां
Betul Samachar: बैतूल। भैंसदेही के झल्लार स्थित एक सील किए गए पेट्रोल पंप को खोलने के एवज में रिश्वत लेने का मामला अब जिले में सबसे बड़ी प्रशासनिक सनसनी बन चुका है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धरमदास पनिका पर 50 हजार रुपए की घूस लेने का आरोप है, जिसका वीडियो खुद पीड़ित पेट्रोल पंप संचालक नयन आर्य ने सबूत के तौर पर जिला कलेक्टर को सौंपा था। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने ठोस सबूत होने के बावजूद आज तक आरोपी अफसर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पेट्रोल पंप संचालक नयन आर्य का कहना है कि शिकायत वापस लेने के लिए अब उन्हें लगातार दबाव झेलना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े वेयरहाउस संचालक और राजनीतिक रसूखदार फोन कर इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। लाखों रुपये का लालच दिया जा रहा है, ताकि शिकायत वापस ले ली जाए। इतना ही नहीं, नयन आर्य ने बताया कि उनके परिवार को तक धमकियां मिल रही है। अगर शिकायत नहीं वापस ली तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।
कानून रसूख के आगे बंधक?
यह घटनाक्रम पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े करता है। जब आरोपी के खिलाफ सबूत साफ तौर पर मौजूद हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या वजह है कि कानून और न्याय की प्रक्रिया सत्ता और पैसे के आगे बंधक बनकर रह गई है? रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बावजूद अफसर सुरक्षित है, जबकि शिकायतकर्ता ही अब डर और दबाव का सामना कर रहा है।
प्रशासन की छवि दांव पर
जिले के आम नागरिक भी इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिरकार जिला प्रशासन की प्राथमिकता क्या है? भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करना या फिर आरोपित अधिकारी को बचाना? यह मामला प्रशासनिक ईमानदारी और पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा बन गया है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह केवल एक रिश्वतकांड नहीं रहेगा, बल्कि जिले की व्यवस्था पर गहरा धब्बा साबित होगा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में अपनी छवि बचाने के लिए पारदर्शी जांच और कड़ी कार्रवाई करता है या फिर रसूखदारों को बचाने की कोशिश में खुद ही कठघरे में खड़ा हो जाता है।
इनका कहना….
आपूर्ति अधिकारी को नोटिस दिया गया था इसका जवाब आ गया है, पेट्रोल पंप संचालक का नोटिस भी तामील हो चुका है। दोनों पक्षों के जवाब के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल




