Betul News: परियोजनाओं की स्वीकृति के आवेदन भेजने में निकाय फिसड्डी
Betul News: Body lags behind in sending applications for approval of projects

सारणी नपा की प्रगति रिपोर्ट जीरो प्रतिशत, अन्य नपा भी काफी पीछे
Betul News: बैतूल। नगरीय निकाय एवं आवास विभाग द्वारा हर माह जिले के निकायों को नवीन परियोजनाओं की स्वीकृति के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए गाइड लाइन जारी करती है। इन परियोजनाओं से प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के लिए दिए गए निर्देशों का कतई पालन नहीं हो रहा है। हालात यह है कि जिले की सबसे बड़ी सारणी नपा में इन आवेदनों को भेजने की रफ्तार इतनी धीमी है कि 19 जून की स्थिति में परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत आवेदनों का प्रतिशत जीरो है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से निकायों में काम हो रहा है। अन्य निकायों की स्थिति भी ठीक नहीं कहीं जा सकती है। सबसे अधिक शाहपुर निकाय ने 27.87 प्रतिशत आवेदन प्रस्तुत किए हैं।
राज्य शासन हर माह नगरीय निकायों से नवीन परियोजनाओं की स्वीकृति के प्रस्ताव मांगती है। इन परियोजनाओं का खाका तैयार कर राज्य शासन को भेजने पर राशि भी स्वीकृत होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन कुछ माह से स्थिति यह है कि जिले के दस निकायों से भेजे जाने वाले प्रस्तावों की संख्या में बुरी तरह से गिरावट आ गई। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि निकायों में किस तरह से काम हो रहा है। शासन प्रस्ताव मांग रहा है और निकायों के जिम्मेदार परियोजनों को प्रस्तुत करने में ढिलाई बरत रहे हैं।
ऐसे हैं निकायों के हालात
19 जून की स्थिति में नवीन परियोजनाओं की स्वीकृति के प्रस्ताव प्रस्तुत करने में जिले की दस निकायों के हालात ठीक नहीं है। सबसे बुरी स्थिति प्रदेश की तीसरी बड़ी नगरपालिका सारणी की है। यहां बीएलसी घटक अंतर्गत कुल एक आवेदन भेजे थे। इसे अमान्य कर दिया। इस हालात में यहां का प्रतिशत जीरो पर पहुंच गया है। आठनेर में 361 आवेदनों में से 47 रद्द, 305 निरस्त होने के बाद 1.59 प्रतिशत, 135 में से 125 लंबित होने पर 5.19 प्रतिशत, भैंसदेही में 282 आवेदनों में से 59 रद्द, 185 निरस्त होने पर 14.61 प्रतिशत, आमला में 161 आवेदनों में से 132 निरस्त होने पर 16.25 प्रतिशत, मुलताई में 164 आवेदनों मेें से 14 रद्द, 118 लंबित होने पर 19.33 प्रतिशत, घोड़ाडोंगरी में 255 आवेदनों में से 175 निरस्त होने पर 25.79 प्रतिशत, बैतूल बाजार में 148 में से 3 निरस्त, 100 पेडिंग होने पर 26.24 प्रतिशत, बैतूल में 496 आवेदनों में से 1 निरस्त, 295 लंबित होने पर 27.48 प्रतिशत और शाहपुर नगर परिषद में 287 आवेदनों में से 197 आवेदन लंबित होने पर 27.87 है। जिले की सभी नगरपालिका का आंकलन करें तो यह महज 19.29 प्रतिशत तक पहुंच रहा है।
योजनाओं का लाभ लेने में ऐसे हालात क्यों?
भोपाल से भेजी जा रही जानकारी पर यकीन करें तो बैतूल जिले के निकाय योजनाओं का लाभ लेने में हमेशा फिसड्डी रहे हैं। जिन कार्य योजनाओं से निकायों को लाभ नहीं, उनके प्रस्ताव शीघ्र भेज दिए जाते हैं, लेकिन कई जन हितैषी योजनाओं के प्रस्ताव को भेजने में जिस तरह की लापरवाही सामने आ रही है, यह चिंता का विषय है।
सूत्र तो यह भी बताते हैं कि बड़ी परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजने के पीछे भी कमीशन कर खेल रहता है। इसलिए छोटे प्रस्तावों को भेजने में निकाय के अधिकारी रूचि नहीं लेते हैं। सारणी जैसी बड़ी नगरपालिका में नवीन परियोजनाओं के प्रकरणों के प्रस्ताव भेजने में किस तरह की कोताही बरती जा रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी बड़ी चूक सामने आ रही है। अन्य निकायों की भी यह स्थिति किसी लापरवाही से कम नहीं मानी जा सकती है।




