Betul News: सीएम के सारणी आगमन के बाद 660 मेगावाट की यूनिट में अचानक तेजी
Betul News: Sudden rise in 660 MW unit after CM's arrival in Sarni

बीएचईएल ने तेज की प्रक्रिया, रंग लाए विधायक के प्रयास
Betul News: बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के करीब 10 दिन पहले सारणी आगमन का असर देखने को मिला है। भले ही उन्होंने मंच से कोई घोषणा नहीं की, लेकिन पहले ही 8 हजार 299 करोड़ की पुनरक्षित 660 मेगावाट यूनिट की बड़ी परियोजना सारणी की धरती पर उतर चुकी थी। मुख्यमंत्री का आगमन और शासकीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का ही असर है कि इस बड़ी यूनिट और प्रोजेक्ट में अचानक तेजी आ गई है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि यूनिट का काम करने वाली बीएचईएल कंपनी ने मुख्यमंत्री के सारणी आने के बाद अपने काम में अचानक तेजी ला दी है। बताया जा रहा है कि पहले 660 मेगावाट यूनिट की लागत 5 हजार 290 करोड़ आ रही थी, लेकिन पुनरीक्षित परियोजना में 8299.76 करोड़ की लागत आएगी। बताया जाता है कि इसी पर बीएचईएल कंपनी का काम धीरे चल रहा था, लेकिन अब 6600.81 करोड़ रुपए ऋण, राज्य शासन द्वारा 15 प्रतिशत अंश पूजी 1244 करोड़ रुपए और मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा स्वंय 414 करोड़ रुपए इस परियोजना पर खर्च किए जा रहे हैं। वर्ष 2023 में जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार से भी यूनिट स्थापित करने के लिए हरीझंडी मिल चुकी है। भूमि अधिग्रहण समेत अन्य प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।
डॉ पंडाग्रे ने खेला मास्टर स्ट्रोक
आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सारणी बुलवाकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। जिला स्तरीय स्वसहायता समूह का कार्यक्रम अपने विस के आधार स्तंभ सारणी में करवाकर उन्होंने सारणी के लिए तुरूप का इक्का साबित होने वाली 660 मेगावाट की यूनिट निर्माण में अच्छी शुरुआत करी। दरअसल मुख्यमंत्री के आगमन के बाद यूनिट का निर्माण करने वाली देश की ख्यातिनाम बीएचईएल ने यूनिट निर्माण के लिए अचानक तेजी ला दी है।
बताया जाता है कि कंपनी के कई बड़े अधिकारी पिछले दस दिनों में सारणी विजिट पर आकर काम में तेजी लाने के लिए निर्देश दे चुके हैं। इससे संभावना दिख रही है कि आने वाले कुछ दिनों में 660 मेगावाट यूनिट के लिए काम युद्ध स्तर पर शुरू हो जाएगा। उजड़ा हुए सारणी के दिन भी फिर कर बड़ी संख्या में यहां लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया होंगे। जबकि व्यापार भी बड़े स्तर पर संभवानाओं पर बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री को सारणी बुलाकर विधायक डॉ पंडाग्रे का यह मास्टर स्ट्रोक फिलहाल कारगर साबित हो गया है।




