Betul Ki Khabar: साकार हो रही ‘वन विकास से ग्राम विकासÓ की थीम
Betul Ki Khabar: The theme of 'village development through forest development' is becoming a reality

437 समिति सदस्यों का कौशल उन्नयन, 257 का प्लेसमेंट, 180 युवा स्वरोजगार से जुड़े
Betul Ki Khabar: बैतूल। ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा संचालित वन विकास से ग्राम विकास की थीम अभियान के रूप में अब धरातल पर प्रभावी रूप से नजर आ रही है। दक्षिण वनमंडल के डीएफओ विजया नंतम टीआर के नेतृत्व में हाल ही में 45 दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया,था वन विद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण समापन कार्यक्रम के दौरान युवाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण उपरांत कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य वन संरक्षक वन व्रत बैतूल वासु कनोजिया, दक्षिण वन मण्डल अधिकारी विजया नंतम टीआर, एवं वन विद्यालय अनुदेशक अमित खन्ना उपस्तिथ हुए। कार्यक्रम के दौरान 28 प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। बताया गया है कि, इनमें से 16 युवाओं का प्लेसमेंट गुजरात की प्रतिष्ठित कंपनी मदरसन लिमिटेड में किया गया है, जहां उन्हें अब प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये तक वेतन प्राप्त हो सकेगा। प्लेसमेंट में सफल हुए युवाओं को समस्त अधिकारियो ने शुभकामनाएं प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
437 युवाओं को मिल चुका प्रशिक्षण, 180 युवा रोजगार से जुड़े
वन मण्डल अधिकारी विजया नंतम टी आर के मुताबिक वनमण्डल के अंतर्गत विभिन्न समितियों से जुड़े युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिए पिछले लंबे समय से लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं अब तक इस अभियान के जरिए 437 समिति सदस्यों का कौशल उन्नयन किया जा चुका है, जिनमें से 257 युवाओं को विभिन्न कंपनियों में प्लेसमेंट मिला है, जबकि 180 सदस्य ऐसे हैं जो स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। इस दौरान कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों द्वारा उनके 45 दिवस के प्रशिक्षण संबंधी अनुभव साझा किए गए।
मुख्य वन संरक्षक, वासु कनोजिया ने बताया, कि इस प्रकार के प्रशिक्षण समय समय पर आयोजित होते रहे और दूरस्थ वन समिति के नवयुवक/युवतियों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते रहे तो वे वनों पर आश्रित नहीं रहेंगे। परिवार की आर्थिक स्तिथि में भी परिवर्तन देखने को मिलेगा और वनों को होने वाली क्षति बहुत हद तक कम हो जायेगी युवाओं को बड़े शहरों की बड़ी-बड़ी कंपनियों में रोजगार के अवसर भी प्राप्त होते रहेंगे।इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार होगा।




