Betul Ki Khabar: दो माह पहले हुए विवाद में नया मोड़

Betul Ki Khabar: New twist in the dispute that happened two months ago

गंज के पूर्व टीआई के खिलाफ युवाओं का मोर्चा, निलंबित करने की मांग

Betul Ki Khabar: बैतूल। गंज क्षेत्र में पिछले दिनों दो गुटों में हुए विवाद में नया मोड़ आ गया है। ग्रीन सिटी निवासी मोनू साहू पर गंज थाने में अपनी गैर मौजूदगी के बावजूद मामला दर्ज करने को लेकर दर्जनों की संख्या में युवाओं ने एसपी से मुलाकात कर अपनी बेगुनाही का सबूत देते हुए गंज के तत्कालीन टीआई रविकांत डहेरिया को निलंबित करने की मांग की है। सबका कहना था कि जिस समय यह विवाद हुआ तब मोनू साहू आरूल गांव में श्राद कार्यक्रम में मौजूद था, लेकिन पुरानी रंजीश के कारण मोनू साहू को भी मारपीट के मामले में आरोपी बना दिया।

उधर जिस पक्ष ने पूर्व में मोनू साहू की शिकायत की थी उसमें से एक युवक अंकुश मगरे ने शपथ पत्र देकर कहा है कि मोनू साहू के विरूद्ध उसने रिपोर्ट नहीं की है, उससे पारिवारिक संबंध है। शपथ पत्र में युवक ने मोनू साहू का नाम एफआईआर से अलग करने का उल्लेख किया है। दोनों ही मामले सामने आने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।

गणेश उत्सव के अंतिम दिन 19 सितंबर को गंज क्षेत्र के लोहिया वार्ड में विवेकानंद वार्ड और लोहिया वार्ड के युवकों का जमकर विवाद हो गया था। इस विवाद में एक युवक को गंभीर चोट भी आई। गंज पुलिस ने मामले में मोनू साहू समेत आधा दर्जन लोगों पर मामला दर्ज किया। यह मामला उस समय खासा तूल पकड़ गया, इससे पुलिस की छवि भी खराब हुई। हालांकि इस मामले में विवेकानंद वार्ड निवासी हिंदू नेता मोनू साहू का नाम भी एफआईआर में जुड़ने के बाद विवाद बढ़ गया।

उन्होंने पूर्व में भी सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफार्म पर गंज के तत्कालीन टीआई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लिखा था कि जांच करा ली जाए, यदि वे मारपीट के समय मौजूद है तो उसे फांसी पर चढ़ा दें। अन्यथा टीआई वर्दी उतार दें। पुलिस को सीधा चैलेंज करने के बाद मोनू साहू को पिछले दिनों मारपीट में आरोपी बनाने के बाद जेल भेज दिया। जेल से आने के बाद उसके साथ करीब आधा सैकड़ा युवाओं ने सोमवार एसपी निश्चल झारिया से मुलाकात कर तत्कालीन टीआई को निलंबित करने की मांग की है। सभी का कहना था कि जिस समय मारपीट की घटना हुई थी, उस समय मोनू आरूल में था। इस बात की जानकारी पूर्व में भी दी जा चुकी है।

युवाओं का कहना है कि 14 अगस्त मोनू के मित्र शरद बेले के साथ गंज में तीन युवकों द्वारा मारपीट कर घायल कर दिया था। मोनू ने शरद पर हमला करने वाले के विरूद्ध गंज के तत्कालीन टीआई डहेरिया से कार्रवाई के लिए कहा था तो वे भड़क गए और कहा कि मोनू को किसी भी मामले में झूठा फंसा देंगे। युवाओं ने एसपी को बताया कि पुराने मामले को लेकर ही मोनू साहू पर गंज टीआई द्वारा झूठा प्रकरण बनाया है और निर्दोष होते हुए भी पांच दिन जेल में रहना पड़ा। सभी ने एसपी से निवेदन किया कि घटना दिनांक की जानकारी लेकर मोनू के खिलाफ मामला खत्म किया जाए और गंज के तत्कालीन टीआई को निलंबित करें।

युवक ने भी दिया समर्थन में शपथ पत्र

इस मामले में एक और नया मोड़ आ गया है। मंगलवार को लोहिया वार्ड को अंकुश पिता गणेश मगरे ने भी मोनू के समर्थन में शपथ पत्र दिया है। शपथ पत्र में उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया था। सूचना पर गंज पुलिस ने अपराध दर्ज किया। उसे जो सूचना रिपोर्ट प्राप्त हुई, उसमें ग्रीन सिटी निवासी मोनू साहू का नाम भी दर्ज हो गया, जबकि उसने उसके खिलाफ रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की। उस समय मोनू साहू मौके पर भी मौजूद नहीं था। गंज टीआई द्वारा उसका नाम कैसे लिखा, वह भी नहीं जानता। शपथ पत्र में अंकुश मगरे ने बताया कि मोनू से पुराने संबंध है और सहपाठी भी रहे हैं। इसलिए मोनू साहू के खिलाफ की गई कार्रवाई को रद्द किया जाए।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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