Administrative Corner: प्रशासनिक कोना: कौनसे चुगलखोर थानेदार की करतूत से अधीनस्थ अमला सिर धुन रहा?? मेडम की जड़ें आखिर किसने इतनी मजबूत? आखिर अंगद का पांव कौन बना??? सब इंजीनियर की करतूत किस पर पड़ रही भारी??? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..
Administrative Corner: Administrative Corner: Due to the actions of which gossiping police officer

चुगलखोर थानेदार की करतूत से अधीनस्थ भी परेशान
जिले के एक प्रमुख थाने के साहब इन दिनों चुगलखोरी के कारण पूरे स्टाफ में चर्चा बटोर रहे हैं। उन्हें कोई भी जानकारी सामान्य व्यवहार में देने पर यह बात भी चुगली में बदल जा रही है। पिछले दिनों एक मीडियाकर्मी ने थानेदार साहब को सटोरियों के बारे में क्लू दिया तो साहब ने यह सिकरेसी भी लीक कर दी। चर्चा तो यह भी है कि उनके क्षेत्र के एक बदमाश से थानेदार साहब के ऐसे संबंध में है कि सामान्य बात भी उनसे करने पर उसे अच्छे से पता चल जाती है। थानेदार साहब की इस आदत से अधीनस्थ पुलिसकर्मी इतने परेशान हो गए हैं कि फील्ड में की गई रिर्पोटिंग देने से भी परहेज कर रहे हैं। चर्चा यह भी है कि जिस बदमाश को हर बात की चुगली की जा रही है, वह साहब के लिए तोड़ी करता था। यही वजह है कि कमजोरी देख एक मर्तबा वह साहब की पोल खोलने की धमकी दे चुका है। साहब के बारे में कहा जाता है कि बड़ा थाना पाने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी के एक मंडल अध्यक्ष से भी जुगाड़ लगा चुके हैं। सिवनी जाने के इच्छुक इन थानेदार साहब की करतूत से कप्तान साहब भी वाकिब है।
मैडम की पकड़ इतनी मजबूत कैसे?
सरकार बदल गई, सूबे में नए सीएम भी बन गए, लेकिन जिले में पदस्थ एक मैडम की कुर्सी को कोई नहीं हिला सका है। अंगद की पांव की तरह वह लगभग पांच वर्षों से वे यहां पर जमी है। हालात यह है कि उनके विभाग में आए दिनों नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। कहीं सीसीटीवी कैमरे का मामला सुर्खियों में है तो कहीं नाबालिक के गर्भवती होने का, लेकिन इतने गंभीर मामले सामने आने के बाद भी उसे वे काफी हल्के ढंग से ले रही है। पहला तो यह है कि उन्हें मालूम है कि उनके राजनैतिक आका के कारण उनकी कुर्सी को कोई नहीं हिला पाएगा। दूसरी बात यह है कि बड़े साहब उनके राजनैतिक रसूख के कारण कुछ नहीं कर पाएंगे। यही वजह है कि लगातार कांड होने के बाद भी मैडम की जड़ कहां है, इसे कोई समझ नहीं पा रहा है।
होनहार सब इंजीनियर की करतूत सब पर भारी
निकाय के क्षेत्र के एक सब इंजीनियर बड़ी जिम्मेदारी मिलना चक्करघन्नी जैसा हो गया है। पूर्व में इस निकाय में पदस्थ एक सब इंजीनियर को मूलपदस्थापना पर चिचोली क्या भेजा, उनकी सारी जवाबदारी सबंधित सब इंजीनियर को मिल गई। पानी से लेकर सड़क तक सबकी जिम्मेदारी मिली तो वे हवा में उड़ने लगे। अधिकारियों से लेकर ठेकेदारों के तक फोन रिसीव करने में वे अपना रसूख समझते हैं। मीडिया से भी उनकी दूरियां काफी चर्चा में है। अब खबर यह है कि कमिशन को लेकर वे भी हाक-टॉक करने से पीछे नहीं हटते। यह जानकारी जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंच चुकी है, इसलिए वे रडार पर आ गए हैं।





