Betul Ret Mafia Action : गुवाड़ी में कलेक्टर-एसपी ने अपनी मौजूदगी में पकड़े 29 रेत के डंपर
अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के बाद खनिज माफियाओं में हड़कंप, बुधवार फिर मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण

Betul Ret Mafia Action : बैतूल। जिले में आमद के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने अपनी सख्त कार्यप्रणाली से अपने अधीनस्थ अफसरों सहित आम लोगों को एहसास करवा दिया था कि प्रशासनिक कसावट क्या होती है। एक के बाद एक कार्यवाही के बाद आमजनों में भी कलेक्टर ने कम समय मे भरोसा कायम कर लिया। अब चुनाव के निपटते ही सबसे पहले कलेक्टर की गाज मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात खनिज माफियाओं पर गिरी, जो रात होते ही रेत का बेख़ौफ़ कारोबार करते आ रहे हैं। इधर कलेक्टर और एसपी बुधवार चिमड़ी के बाद आमडोह और विष्णुपुर में भी डंप की गई रेत को देखने पहुंचे हैं।
जानकारी के अनुसार जैसे ही रात्रि 12 बजे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी निश्छल झारिया ने खनिज, पुलिस और राजस्व दल बल के साथ धपाड़ा ग्राम के चिमड़ी स्थित रेत डंप पर दबिश दी, यहां पर हड़कम्प मच गया। डंप स्थल पर करीब 29 खाली डम्फर रेत भरने के लिए खड़े हुए थे।
खास बात यह देखने मे आई कि रेत माफियाओं के मुखबिर तंत्र इतना मजबूत निकला कि दल के मौके पर पहुंचने के पूर्व कई डंपर और ट्रकों के चालक अपने वाहन लेकर फरार होने में कामयाब हो चुके थे। एक साथ इतने अफसरों की फौज मौके पर देखते ही बचे डंपर के चालक और परिचालक भी फरार हो गए। जांच के दौरान डंप पर रेत का अकूत भंडार पाया गया। निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर ने पूरे 29 डम्फर जब्त किये और मौके पर पाई गई 1 लाख 40 हजार घन मीटर रेत के भंडार की माप जोंक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। चूंकि मामला संगीन और संदिग्ध है इसे दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एसपी आज सुबह फिर मौके पर पहुंचे हैं।
अंतिम समय तक गोपनीयता नहीं होने दी भंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को लंबे समय से यहां रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थी, लेकिन व्यस्त के कारण वे कार्रवाई नहीं कर पाए। चुनाव निपटते ही रेत के डंप पर छापे की रणनीति मंगलवार दोपहर ही तैयार कर ली गई थी।
जानकारी मिली है कि पूर्ण गोपनीयता बरतते हुए रात करीब 12 बजे कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग का दल मौके पर रवाना हुआ। एक साथ इतने वाहन आते देख ंडंपरों के चालक और अन्य कर्मचारी फरार हो गए। कलेक्टर ने तत्काल डंपरों और रेत के भंडारण को जब्त करने के निर्देश देते हुए घूम घूम कर मौके का निरीक्षण किया। रात चार बजे तक कार्यवाही करने के बाद दोनों अधिकारी जिला मुख्यालय लौटे। बताया जा रहा है कि इस दौरान मचे हड़कंप के बाद माफिया ने कई डंपरों को जंगल में भी छिपा दिया था।
सुबह होते ही फिर मौके पर पहुंचे कलेक्टर एसपी
अर्ध रात्रि की गई कार्यवाही के बाद सुबह होते ही कलेक्टर एसपी फिर मौके पर रवाना हो चुके थे। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि रेत के डंप पर पकड़े गए सभी डंपरों को भौंरा चौकी और शाहपुर थाने में खड़ा करवाया गया है। यह डंप रेत ठेकेदार का बताया जा रहा है। मौके पर खड़े सभी डंपर खाली थे, जिन्हें भरे जाने की तैयारी थी। मौके पर रेत का बड़ा भंडारण भी मिला है। हालांकि अभी जांच की जा रही है कि डंप रेत ठेकेदार का ही है या नहीं। यदि डंप ठेकेदार का होगा तो भंडारण की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ठेकेदार को कितनी रेत संग्रहण करने की अनुमति दी गयी है। यदि तय मात्रा से अधिक रेत पाई जाती है तो नियमानुसार कार्यवाही भी की जाएगी।
कुख्यात रेत माफिया अरशद, इल्यास का नाम आया सामने
इस मामले में शाहपुर क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात रेत माफिया अरशद और इल्यास की संलिप्तता भी सामने आ रही है। जानकारी मिली है कि रेत ठेकेदार द्वारा यह डंप अरशद को पेटी कांट्रेक्ट पर दिया गया है। खुद कलेक्टर ने भी इस रेत माफिया का नाम सामने आना स्वीकार किया है। इसकी जांच कराई जा रही है।
जानकारी के अनुसार अरशद द्वारा गुवाड़ी खदान से बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन किए जाने की जानकारी भी मिली है। लेकिन सवाल यह खड़ा हो रहा है कि यदि ऐसा हो रहा था तो इसकी जानकारी क्या खनिज विभाग को नहीं थी। क्या इसकी अनुमति खनिज विभाग से ली गई थी या नहीं, मौके पर जो रेत का भंडारण मिला है,वो दी गई अनुमति के मुताबिक है या नहीं? फिलहाल कलेक्टर-एसपी सहित तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर जांच में जुटे हुए हैं। खबर है कि इस मामले में अरशद और इल्यास पर पुलिस जिला बदर की कार्रवाई करने वाली है। एसपी ने भी रेत माफिया अरशद पर जिला बदर की कार्रवाई की बात कही है।
इनका कहना है….
रात्रि में रेत डंप पर कार्यवाही कर डंपर और रेत का भंडारण जब्त किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। किसी अरशद और इल्यास की भी संलिप्तता सामने आई है, जिनके खिलाफ जिला बदर की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
नरेंद्र सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल




