Betul News : बारिश से गेहूं की चमक पड़ी फीकी, नहीं मिल रहे अच्छे दाम
Betul News: Wheat lost its shine due to rain, not getting good prices

किसान होने लगे परेशान, लागत भी निकालना हुआ मुश्किल
Betul News : (बैतूल)। बेमौसम बारिश से कई किसानों की फसलें खराब हो गई। गेहूं की चमक फीकी पड़ने से किसानों को उपज के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। दाम अच्छे नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। गत दिनों जिले में कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। कई किसानों के खेतों में कटी फसलें गीली हो गई। फसलें गीली होने के कारण दाने की चमक कम हो गई है। ऐसी स्थिति में किसानों को फसल के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं।
कृषि उपज मंडी में भी अभी गेहूं की बंपर आवक हो रही है, लेकिन चमक फीकी पड़ने पर किसानों को गेहूं के उपज के दाम 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं। जबकि अच्छे गेहूं के दाम किसानों को 2500 रुपए क्विंटल तक मिल रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बारिश से गेहूं की फसल गीली होने से किसानों को कितना नुकसान उठाना पड़ रहा है। गेहूं की चमक अच्छी होने पर किसानों को दाम भी अच्छे मिल रहे हैं। कृषि उपज मंडी में गेहूं की प्रतिदिन लगभग दस हजार बोरे आवक हो रही है।
समर्थन मूल्य में उपज बेचने जाएगी परेशानी
समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए किसानों ने पंजीयन तो कर लिया, लेकिन किसानों के सामने एक और मुश्किल आने वाली है। जिन किसानों की उपज की चमक फीकी पड़ गई है। उन किसानों को समर्थन मूल्य में उपज बेचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शासन के निर्देश है कि अच्छी क्वालिटी की उपज ही समर्थन मूल्य में खरीदी जाएगी। चमक फीकी पड़ने पर समर्थन मूल्य में उपज खरीदने से किनारा किया जा सकता है। जिले में कई ब्लाक है जहां गत दिनों तेज बारिश हुई और फसलें को नुकसान पहुंचा है। इस परेशानी से बचने के लिए किसानों को अपने खरीदी केंद्रों पर सबसे पहले उपज के सेंपल ले जाकर इसकी जांच करनी होगी। जांच में रिपोर्ट अच्छी पाई जाती है तो किसान उपज बेचने के लिए खरीदी केंद्र पर ले जा सकते हैं। खरीदी केंद्रों पर उपज की मशीन से नमी सहित क्वालिटी की जांच की जाती है। किसानों का कहना है कि सरकार ने अच्छी क्वालिटी की खरीदी के निर्देश दिए हैं। जिन किसानों की उपज की चमक फीकी पड़ गई है, वे किसान समर्थन मूल्य में उपज नहीं बेच पाएंगे। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
200 से 300 रुपए कम मिल रहे दाम
किसानों का कहना है कि फसल पकने की स्थिति में पहुंच गई, उस समय जिले के अधिकतर क्षेत्रों में तेज बारिश हुई है। बारिश के कारण उपज की चमक कम हो गई। ऐसे में किसानों को प्रति क्विंटल के आधार पर 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। गेहूं के अलावा मसूर, चने की भी फसल प्रभावित हुई है। हाल ही में भी कई किसानों की फसल कटाई का काम जारी है और मौसम का मिजाज भी बदल गया है। जिले के कुछ क्षेत्रों में शनिवार को हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बदलते मौसम के कारण किसानों की चिंता फिर बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बारिश होती है तो फसलों को नुकसान होने की संभावना अधिक बनी हुई है।





