Today Betul News: नपा में इसका ठीकरा, उसके सिर, काम किसी का, कर दूसरा ठेकेदार रहा, स्थिति बिगड़ने पर नपा के उपयंत्री भी परेशान

Today Betul News: There is blame in NAPA, its head, someone's work, other work is going on, assessment of the situation

Today Betul News:(बैतूल)। बैतूल की नगरपालिका में भाजपा के शासन के काल में जैसे राम राज्य आ गया हो। यह बात इसलिए कही जा रही है, क्योंकि यहां अधिकांश ठेकेदार या तो भाजपा के पार्षद है या फिर पार्टी के समर्थित नेता। इन सभी में अच्छी ट्यूनिंग होने के कारण टेंडर में खासा गठजोड़ चला आ रहा है, इस गठजोड़ का ही परिणाम है कि काम की गुणवत्ता में लगातार शिकायतें आ रही है। नगरपालिका के सहायक यंत्री और उपयंत्री भी इन शिकायतों से परेशान हो चुके हैं। गुणवत्ता की कई शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाने से लोग सीएम हेल्पलाइन का सहारा ले रहे हैं।

जानकार सूत्र बताते हैं कि बैतूल नगरपालिका में लगभग दो दर्जन से अधिक रजिस्टर्ड ठेकेदार मौजूद है। इनमें अधिकांश भाजपा समर्थित नेताओं की भरमार दिखाई देती है। हालांकि कांग्रेस नेता भी रोजी-रोटी की बात कहकर नगरपालिका के टेंडर लेने से परहेज नहीं कर रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि भाजपा और कुछ कांग्रेसियों के गठजोड़ ने बैतूल नगरपालिका में ऐसा राम राज्य स्थापित किया है कि अधिकारी चेतावनी और नोटिस दे-दे कर परेशान हो, लेकिन आज तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

टेंडर में हो रहा गजब का खेलजानकार सूत्र बताते हैं कि नगरपालिका के लोक निर्माण शाखा से ऑनलाइन और ऑफ लाइन टेंडर निकलते हैं। इन टेंडरों में भी बैतूल के ठेकेदारों का गजब का गठजोड़ वाला खेल चल रहा है। दरअसल सिंडीकेट बनाकर टेंडर हथियाना बैतूल के ठेकेदारों के बाए हाथ का खेल है। वैसे इनकी गलती नहीं कहीं जा सकती है, क्योंकि अधिकारियों ने भी सिंडीकेट प्रथा पर चुप्पी साधे रहे। नतीजा यह निकला कि सिंडीकेट के कारण ही काम की गुणवत्ता पर कई सवाल उठाना लाजमी है। ऐसे मामलों में शिकायत के बावजूद अधिकारी भी चुप्पी साध ले रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि वर्षों से सिंडीकेट की तथाकथित प्रथा नगरपालिका की हालत बिगाड़ दिए हैं।

हर वार्ड में ऐसे ही हालात

जानकार सूत्रों ने बताया कि नगरपालिका के निकलने वाले टेंडर में नाम किसी का और काम और कोई कर रहा है। सड़क निर्माण से लेकर आरसीसी नाली निर्माण, सड़क, पेविंग ब्लाक जैसे कामों का टेंडर किसी और के नाम से निकल रहा है, लेकिन काम और कोई कर रहा है। इसके कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। देखने में आ रहा है कि ठेकेदारों द्वारा समय पर काम न करने की शिकायत साइट पर काम करने वाले कर्मचारियों को की जाती है तो वे ठेकेदार का नाम किसी और का बता रहे हैं और नपा के रिकार्ड में किसी दूसरे ठेकेदार के नाम से टेंडर होने की जानकारी सामने आती है। यही स्थिति भ्रम निर्मित कर रही है।

सिंडीकेट के कारण नपा के जिम्मेदारों के हाथ बंधे

बैतूल नपा में सिंडीकेट की प्रथा के कारण नपा के जिम्मेदारों के हाथ भी बंध गए हैं। कई शिकायतों में वे नोटिस किसे जारी करे समझ से परे हो जा रहे हैं। भुगतान के लिए टेंडर हासिल करने वाला कम और काम करने वाला ठेकेदार अधिक परेशान कर रहा है। खास बात तो यह है कि नपा के करीब वरिष्ठ और कनिष्ठ एक दर्जन पार्षद खुद ठेकेदार बनकर बैठ गए हैं। इनका अधिकारियों पर जबरदस्त दबाव रहता है। इसलिए स्थिति कई बार विवादों का रूप धारण कर लेती है। कुछ वरिष्ठ पार्षद तो ऐसे हैं जो अपनी हठधर्मिता के कारण अधिकारियों से ही नियम विरूद्ध काम कराने के लिए दबाव बना रहे हैं, इससे स्थिति बिगड़ रही है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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